नैनीताल के कालाढूंगी में बस हादसे के बाद हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल का पूरा परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। घायलों के साथ परिजन भी आंसू बहा रहे थे। इमरजेंसी से लेकर आपरेशन थियेटर तक भीड़ के चलते पैर रखने की जगह नहीं थी। दुर्घटना में किसी के कान फटे थे तो किसी का चेहरा बदरंग हो गया था।
वर्दीधारी भी परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। आश्वासन दे रहे थे कि सब्र कीजिए सब कुछ ठीक हो जाएगा। इधर प्राइवेट अस्पतालों के कुछ एजेंट मरीजों को शिफ्ट कराने का जुगाड़ लगा रहे थे।
अस्पताल के सामने सोमवार की शाम घायलों को लेकर एंबुलेंस के पहुंचते ही अस्पताल के कर्मचारियों से स्ट्रेचर लेकर पुलिसकर्मी घायलों को इमरजेंसी तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। घायलों और मृतकों के साथ उनके परिजन भी काफी संख्या में थे।