मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को शाम को सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मंगल, बुध और गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में होंगे।
83 वर्षों के बाद बन रहे संयोग के अनुसार उच्च राशि के बृहस्पति से सूर्य, शुक्र और बुध तीन ग्रहों का समसप्तक योग बन रहा है। जो लोगों को समृद्धि प्रदान कराने का सूचक है। सूर्य उदय काल के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाना शुभ फलदायक होगा।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की तिथि पर मकर संक्रांति मनाई जाती है। 14 जनवरी को शाम सात बजकर 26 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार सूर्य उदय काल में संक्रांति का पुण्य काल श्रेष्ठ माना जाता है।
इस वर्ष मकर संक्रांति का विशेष पुण्य काल 15 जनवरी को प्रात: सात बजकर 20 मिनट से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगा। वार, नक्षत्र एवं तिथि के हिसाब से भी 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व ज्यादा उपयुक्त एवं शुभ होगा।
पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव से मिलने के लिए उनके घर जाते हैं। इसलिए इसे संक्रांति कहा जाता है।