सेबी की कार्यशैली के विरोध में सहारा कार्यकर्ता एवं निवेशकों ने बुधवार को धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सहारा-सेबी विवाद के कारण लाखों कार्यकर्ता बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने सेबी से मांग की है कि वह सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दे कि अब सेबी के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने वाले निवेशक नहीं हैं। जिससे कोर्ट सहारा समूह से एम्बार्गो हटा ले और एकाउंट में जमा लगभग करोड़ों रुपये की धनराशि सहारा को वापस मिल जाए। इससे निवेशकों को नियमित भुगतान करने में सुविधा होगी।
प्रेस क्लब में धरना करने वाले सहारा कार्यकर्ता और निवेशकों ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एवं जमाकर्ता सहारा से किसी न किसी योजनाओं के माध्यम से जुड़े हुए हैं और बीते 25 से 30 वर्षों से सहारा इंडिया से आय प्राप्त करते रहे हैं। लेकिन बीते आठ वर्ष पूर्व में हुए सहारा-सेबी विवाद के चलते उच्चतम न्यायालय की ओर से पूरे सहारा समूह पर लगाए गए एम्बार्गो की वजह से सहारा में भुगतान में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। इसकी वजह से हम लोगों की आय पर काफी असर पड़ा है। यहां तक कि हमारे निवेशकों का भुगतान विलंबित है।