तराई सिख संगठन और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में एकत्र होकर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहले गुरुद्वारे के बाहर धरना दिया और फिर एनएच 74 को जाम कर दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। आक्रोशित किसानों ने यूपी सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ ने कहा की सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता के पुत्र ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की है।
केंद्र सरकार की हठधर्मिता के चलते किसान आंदोलन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे कई किसान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। सूचना पर इंस्पेक्टर विजेंद्र शाह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से शांति व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की। वहां पर राजेंद्र पाल सिंह, गुरबख्श सिंह, सुमित्तर भुल्लर, विक्रम सिंह गोराया, सुखदेव सिंह, वरुण कपूर, श्रेष्ठ सिंह, गुरविंदर सिंह सहित अनेक मौजूद रहे। इधर किच्छा में भी बड़ी संख्या में किसानों ने डीडी चौक पर धरना दिया और पूरे घटना की तीखे शब्दों में निंदा की।
यूपी बॉर्डर पर रामपुर, मुरादाबाद मार्ग ढाई घंटे जाम
यूपी के लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र की घटना से आक्रोशित किसानों ने यूपी बॉर्डर में रामपुर, मुरादाबाद मार्ग पर प्रदर्शन कर धरना दिया। किसानों के धरने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। किसाने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे यूपी के एएसपी, एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद किसानों ने जाम खोल दिया। बार्डर पर करीब ढाई घंटे तक जाम लगने से लोग परेशान रहे। रविवार को साढे़ सात बजे जाम खुला।
राज्य सीमा यूपी क्षेत्र में रामपुर, मुरादाबाद मार्ग स्थित घोघा नदी पुल पर यूपी और उत्तराखंड क्षेत्र के किसान एकत्र हो गए। उन्होंने यूपी के लखीमपुर खीरी के तिकोनिया घटना के हमलावरों की गिरफ्तारी और आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर बॉर्डर पर जाम लगा दिया। किसान सड़क के बीच में दरी बिछा कर बैठ गए। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। सूचना पर यूपी के स्वार (रामपुर) एसडीएम यमुनाधर चौहान, एएसपी संसार सिंह, सीओ धर्म सिंह, कोतवाल हरेंद्र सिंह तोमर मौके पर पहुंचे। किसानों ने स्वार के एसडीएम को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा। मौके पर जसवीर सिंह, रमजोत सिंह, बबलू, गुरसेवक, गुरमुख सिंह, गुरपाल सिंह, हरविंदर सिंह आदि थे। इधर बार्डर पर जाम होने पर पुलिस प्रशासन ने दोराहा चौक से वाहनों को गांव कनौरा और सुल्तानपुर पट्टी, रहमतगंज मसवासी होकर निकाला।
घटना से गुस्साए किसानों ने शहीद भगत सिंह चौक पर प्रदर्शन कर जाम लगाया। सोमवार को क्षेत्रभर से भारी संख्या में किसान खीरी के लिए कूच करेंगे। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्रडा के नेतृत्व में किसान शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे। किसानों ने सड़क पर बैठक प्रदर्शन किया, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीओ वंदना वर्मा ने किसानों को समझाने की कोशिश की। बाद में भाकियू नेता नरेश टिकैत से मोबाइल पर भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पडडा की बात हुई। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। वहां प्रताप सिंह संधू, हरप्रीत सिंह, विक्की रंधावा, हैपी निज्जर, अजीत सिंह आदि थे।
इधर संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बार्डर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि तिकोनिया क्षेत्र में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाड़ियों से रौंदना और गोलियों से हमला करना सरेआम गुंडागर्दी है। तानाशाही सरकार का यह सबसे बड़ा प्रमाण है। कहा कि भाजपा के नुमाइंदे सत्ता के नशे में चूर हैं। भाजपा का दमन चक्र किसी तरीके से किसानों ओेर मजदूरों के इस आंदोलन को खत्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हमलावरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।