कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर झाल पर इससे पूर्व भी कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के धमात के खनन माफिया के उत्तराखंड में आकर दबंगई दिखाने का मामला सामने आ चुका हैं। पांच वर्ष पूर्व खूनी संघर्ष माफिया ने गोली चलाकर दो युवकों को घायल कर दिया था।
शुक्रवार की सुबह इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के जवानों को पीटने के मामले को भी उत्तर प्रदेश के धमात के खनन माफिया से ही जोड़कर देखा जा रहा है। प्रतिवर्ष गंगनहर बंदी के दौरान गंगनहर का सीना चीर कर खनन करने काला कारोबार चलता है। गंगनहर बंदी के दौरान से ही उत्तर प्रदेश के धमात गांव के खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और वह उत्तराखंड के सकौती, मोहम्मदपुर आदि गांवों के छिटपुट खनन करने वाले लोगों पर रौब गालिब करने का प्रयास करते हैं।
इसी को लेकर आए दिन खनन माफिया व पुलिस के बीच छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन कई बार यह घटनाएं गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। ऐसा ही एक मामला करीब पांच वर्ष पूर्व घटित हुआ था। इसमें उत्तर प्रदेश के धमात के खनन माफिया द्वारा सकैती गांव के दो युवकों को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके अलावा वर्ष 2019 में भी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर चौकी पहुंची पुलिस से भी तमंचे के बल पर खनन माफिया ट्रैक्टर ट्राली लेकर फरार हो गए थे।
दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था। शुक्रवार को भी खनन माफिया ने खनन करने से रोकने पहुंचे आईआरबी के जवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। इसमें भी उत्तर प्रदेश के धमात गांव के खनन माफियाओं के नाम प्रकाश में आ रहे हैं। यदि शीघ्र ही पुलिस प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के खनन माफिया पर नकेल नहीं कसी दो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर होने की संभावना है।
खनन रोकने के लिए रहती है आईआरबी के जवानों की तैनाती
मोहम्मदपुर झाल पर प्रतिवर्ष आईआरबी के जवानों की तैनाती की जाती है ताकि खनन माफिया पर नकेल कसी जा सके। करीब पांच वर्ष पूर्व हुए गोलीकांड के बाद से गंगनहर बंदी से पूर्व ही खनन की रोकथाम के लिए आईआरबी के जवानों की तैनाती की जाती है।
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्ती से कार्रवाई होगी।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी हरिद्वार
आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। उनकी शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इनकी शीघ्र गिरफ्तारी होगी। अगले सीजन में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
- पंकज गैरोला, सीओ मंगलौर