प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर केदारनाथ में श्रद्धालु पांच घंटे तक बाबा केदार के दर्शन नहीं कर पाए। यात्रियों को मंदिर मार्ग पर रोका गया जहां सभा आयोजन को लेकर कुर्सियां लगाई गई थीं।
शुक्रवार सुबह 7.55 बजे पीएम मोदी केदारनाथ पहुंचे लेकिन इससे लगभग दो घंटे पहले ही यात्रियों का मंदिर में प्रवेश बंद कर दिया गया था। उन्हें मंदिर परिसर की आखिरी सीढ़ी से आगे नहीं जाने दिया गया। साथ ही मंदिर मार्ग को भी बैरिकेडिंग से दो हिस्सों में बांटा गया था, जहां कुर्सियां लगाई गई थीं।
ऐसे में धूप निकलने तक यात्रियों को कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ा। सुबह 8.30 बजे धूप निकलने के बाद उन्हें कुछ राहत मिली। पीएम मोदी के 11.30 बजे मंदिर से हेलीपैड की तरफ जाने के बाद यात्रियों के लिए दर्शन शुरू किए। इस दौरान कुछ यात्रियों ने नाराजगी भी जताई। पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि नियमों के तहत सभी यात्रियों को दर्शन कराए गए हैं।
मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने कराई पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांचवीं बार केदारनाथ पहुंचने पर मंदिर में मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने उनका तिलक लगाकर अभिनंदन किया। साथ ही पीएम मोदी के नाम से भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक पूजन भी किया। यह तीसरा मौका था जब मुख्य पुजारी के तौर पर बागेश लिंग ने प्रधानमंत्री के नाम से बाबा केदार की पूजा-अर्चना की।
शुक्रवार को पीएम मोदी, अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार केदारनाथ पहुंचे। इस मौके पर मुख्य पुजार बागेश लिंग व रावल भीमाशंकर के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद केदार लिंग ने उनका अभिषेक कर माथे पर चंदन का टीका लगाया। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में पीएम मोदी के नाम से भगवान आशुतोष का रुद्राभिषेक भी किया।
इससे पूर्व 3 मई 2017 व 20 अक्तूबर 2017 को भी मुख्य पुजारी के तौर पर उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम से बाबा केदार की पूजा की थी। मुख्य पुजारी ने कहा कि यह गौरव के पल है कि उन्हें प्रधानमंत्री की पूजा कराने का अवसर मिल रहा है। मुख्य पुजारी ने प्रधानमंत्री को रुद्राक्ष की माला भी भेंट की।