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उत्तराखंडः सड़क है नहीं, कैसे शुरू होगी चारधाम यात्रा!

Mon, 16 Mar 2015 05:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गोपेश्वर
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने में अब एक महीना भी नहीं रह गया है, लेकिन सड़कों का हाल जस का तस है।
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गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग अभी तक भी चार धाम यात्रा के लिए तैयार नहीं हो पाया है। मार्ग कई जगहों पर जानलेवा बना हुआ है। केदारनाथ और बदरीनाथ धामों की तीर्थयात्रा इसी मार्ग से होकर गुजरती है, लेकिन जिला प्रशासन की यात्रा तैयारियों को लेकर हुई कई दौर की बैठकों में इस सड़क के सुधारीकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

सड़क मंडल, गंगोलगांव, सगर, ग्वाड़, देवलधार, कांचुलाखर्च और चोपता में जानलेवा बनी हुई है। ग्वाड़ में सड़क पर पिछले छह माह से निर्माणाधीन कॉजवे अभी तक भी आधा-अधूरा निर्मित है। यहां पर छोटे वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह और सत्येंद्र रावत का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन से सड़क सुधारीकरण की मांग उठाई गई, लेकिन प्रशासन का फोकस सिर्फ बदरीनाथ हाईवे को चाक-चौबंध बनाने में लगा हुआ है।

इधर, जिलाधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि चमोली-गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए एडीबी आपदा विंग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है। अधिकारियों ने मोटर मार्ग पर जमी बर्फ के पिघलने के बाद ही सुधारीकरण कार्य शुरू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सड़क की लगातार मॉनेटरिंग की जा रही है।
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श्रीनगर से देवप्रयाग के बीच हाईवे बदहाल

उत्तराखंड की सड़कों को देखकर लगता है कि इस बार भी चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को उड़ती धूल, कीचड़ से सनी सड़क और पानी से भरे गड्ढों पर से होकर गुजरना पड़ेगा।

जिस रफ्तार से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य चल रहा है, उससे तो यही लग रहा है। इस मार्ग पर कई ऐसे खतरनाक संवेदनशील स्थान हैं जहां लंबा समय बीतने के बावजूद सुधार नहीं हुआ है।

बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने चौड़ीकरण के नाम पर जगह-जगह पहाड़ी काटकर छोड़ी हुई हैं। प्रशासन ने भी संवेदनशील स्थान चिह्नित कर सूची बीआरओ को दी थी पर काम तेजी से नहीं हो पाया। अब अप्रैल माह से चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है।

ऐसे में तैयारियों के लिए एक माह भी शेष नहीं बचा है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति में यात्रा की दृष्टि से सुधार नहीं हो पाया है। यदि श्रीनगर से देवप्रयाग के मध्य 35 किमी राजमार्ग की बात करें, तो जगह-जगह इसकी स्थिति चिंताजनक है। मूल्यागांव के समीप सिरोहबगड़ के समान स्थिति है।

यहां मोड़ पर लगभग दो साल से सड़क के ऊपर और नीचे भूस्खलन हो रहा है। कार्रवाई के नाम पर बीआरओ मलबे की सफाई करता है, लेकिन स्थायी समाधान कुछ नहीं निकाल पाया है। यह स्थान इतना संकरा है कि छोटे वाहन भी मुश्किल से गुजरते हैं। राजमार्ग पर कुछ स्थान मलबे के कारण संकरे हो गए हैं जिससे यहां जाम लग जाता है। इसके अलावा बीआरओ द्वारा सड़क का चौड़ीकरण आधा अधूरा छोड़ा हुआ है।

जगह-जगह मशीन और मजदूर सड़क की सफाई और चौड़ीकरण कार्य कर रहे हैं।
- केआर चौहान, कमान अधिकारी 66 आरसीसी, बीआरओ गौचर
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