उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने में अब एक महीना भी नहीं रह गया है, लेकिन सड़कों का हाल जस का तस है।
गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग अभी तक भी चार धाम यात्रा के लिए तैयार नहीं हो पाया है। मार्ग कई जगहों पर जानलेवा बना हुआ है। केदारनाथ और बदरीनाथ धामों की तीर्थयात्रा इसी मार्ग से होकर गुजरती है, लेकिन जिला प्रशासन की यात्रा तैयारियों को लेकर हुई कई दौर की बैठकों में इस सड़क के सुधारीकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
सड़क मंडल, गंगोलगांव, सगर, ग्वाड़, देवलधार, कांचुलाखर्च और चोपता में जानलेवा बनी हुई है। ग्वाड़ में सड़क पर पिछले छह माह से निर्माणाधीन कॉजवे अभी तक भी आधा-अधूरा निर्मित है। यहां पर छोटे वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह और सत्येंद्र रावत का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन से सड़क सुधारीकरण की मांग उठाई गई, लेकिन प्रशासन का फोकस सिर्फ बदरीनाथ हाईवे को चाक-चौबंध बनाने में लगा हुआ है।
इधर, जिलाधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि चमोली-गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए एडीबी आपदा विंग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है। अधिकारियों ने मोटर मार्ग पर जमी बर्फ के पिघलने के बाद ही सुधारीकरण कार्य शुरू करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सड़क की लगातार मॉनेटरिंग की जा रही है।