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Uttarakhand: इस साल पूरा होगा प्रदेश के 50 गांवों में सड़क का सपना, 906 सड़कों और पुलों के निर्माण की तैयारी

Sun, 22 May 2022 01:36 PM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इस साल इन गांवों को सड़क से जोड़ने की योजना है। मुख्य अभियंता (पीएमजीएसवाई) रवि प्रताप सिंह कहते हैं, हम सड़कों और पुलों के निर्माण के तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 50 गांवों को जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 658 सड़कों का निर्माण होना है।
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सड़कें - फोटो : iStock
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विस्तार
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आजादी के बाद से सड़क का इंतजार कर रहे प्रदेश के 50 गांवों का सपना इस साल पूरा हो जाएगा। 250 से अधिक आबादी वाले ये सभी गांवों सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क न होने से इन गांवों में बसे ग्रामीण शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं। 
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इस साल इन गांवों को सड़क से जोड़ने की योजना है। मुख्य अभियंता (पीएमजीएसवाई) रवि प्रताप सिंह कहते हैं, हम सड़कों और पुलों के निर्माण के तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 50 गांवों को जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 658 सड़कों का निर्माण होना है।

इन सड़कों को गांवों तक जोड़ने के लिए 248 पुल भी बनाए जाने हैं। कुल मिलाकर 1472 किमी लंबाई के सड़कों और पुलों के निर्माण पर कुल 2291.98 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। लक्ष्य के आधार पर पुलों और सड़कों के निर्माण के लिए निविदा से लेकर कार्य आवंटन तक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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भौगोलिक रूप से कठिन सबसे अधिक सड़कें राज्य के पर्वतीय जिलों से संबंधित हैं। इनमें सबसे अधिक 103 मार्ग अल्मोड़ा जिले और सबसे अधिक 66 पुलों का निर्माण चमोली जिलों के गांवों में होना है। चमोली जिले में 86 सड़कों के साथ कुल 152 कार्यों पर काम होना है, जिस पर सबसे अधिक 421 करोड़ की लागत आएगी।

सड़कों-पुलों के निर्माण लक्ष्य का जिलावार ब्योरा

चमोली के बाद सबसे अधिक 95 सड़कें और 37 पुलों का निर्माण पिथौरागढ़ जिले में होना हैं। जिले के गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए करीब 406 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मैदानी जिलों में देहरादून के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 23 सड़कों और तीन पुलों का निर्माण होगा जिस पर 83 करोड़ की लागत आनी है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर तकरीबन सभी ग्रामीण इलाके सड़कों से जुड़े हैं। इन दोनों जिलों में एक-एक ग्रामीण सड़क का निर्माण होना है। 
जनपद सड़कें पुल  
अल्मोड़ा 103 20
बागेश्वर 47 33
चमोली 86 66
चंपावत 42 10
देहरादून 23 03
हरिद्वार 01 0
नैनीताल 44 13
पौड़ी 45 12
पिथौरागढ़ 95 37
रुद्रप्रयाग 43 16
टिहरी 55 17
ऊधमसिंह नगर 01 0
उत्तरकाशी 73 21
योग 658 248

 

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240 पुरानी ग्रामीण सड़कें लोनिवि देखेगा

पीएमजीएसवाई के तहत बनाई गई जिन सड़कों को पांच वर्ष से अधिक पूरे हो चुके हैं, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी जा रही है। इस साल लोनिवि को ऐसी 240 सड़कें ट्रांसफर होंगी। इनमें से 50 सड़कें लोनिवि को सौंपी जा चुकी है।  
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पीएमजीएसवाई के तहत इस साल करीब 50 गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए तैयार की गई कार्ययोजना पर काम शुरू है। पूरी कोशिश है कि इस वर्ष सड़कों और पुलों के निर्माण के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाए।  - रवि प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई
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