चमोली के बाद सबसे अधिक 95 सड़कें और 37 पुलों का निर्माण पिथौरागढ़ जिले में होना हैं। जिले के गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए करीब 406 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मैदानी जिलों में देहरादून के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 23 सड़कों और तीन पुलों का निर्माण होगा जिस पर 83 करोड़ की लागत आनी है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर तकरीबन सभी ग्रामीण इलाके सड़कों से जुड़े हैं। इन दोनों जिलों में एक-एक ग्रामीण सड़क का निर्माण होना है।
| जनपद |
सड़कें |
पुल |
| अल्मोड़ा |
103 |
20 |
| बागेश्वर |
47 |
33 |
| चमोली |
86 |
66 |
| चंपावत |
42 |
10 |
| देहरादून |
23 |
03 |
| हरिद्वार |
01 |
0 |
| नैनीताल |
44 |
13 |
| पौड़ी |
45 |
12 |
| पिथौरागढ़ |
95 |
37 |
| रुद्रप्रयाग |
43 |
16 |
| टिहरी |
55 |
17 |
| ऊधमसिंह नगर |
01 |
0 |
| उत्तरकाशी |
73 |
21 |
| योग |
658 |
248 |
ये भी पढ़ें...शर्मनाक: बच्चों को हाईवे पर छोड़कर बस चालक को उठा ले गई यूपी पुलिस, चिलचिलाती धूप में आधे घंटे बेहाल हुए छात्र
240 पुरानी ग्रामीण सड़कें लोनिवि देखेगा
पीएमजीएसवाई के तहत बनाई गई जिन सड़कों को पांच वर्ष से अधिक पूरे हो चुके हैं, उनकी देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी जा रही है। इस साल लोनिवि को ऐसी 240 सड़कें ट्रांसफर होंगी। इनमें से 50 सड़कें लोनिवि को सौंपी जा चुकी है।
.
पीएमजीएसवाई के तहत इस साल करीब 50 गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए तैयार की गई कार्ययोजना पर काम शुरू है। पूरी कोशिश है कि इस वर्ष सड़कों और पुलों के निर्माण के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाए। - रवि प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई