वीकेंड में तीर्थनगरी में इस बार पर्यटकों की चहलकदमी कम देखने को मिली। लक्ष्मणझूला रोड पर भी वाहनों की आवाजाही सुचारू रही। लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम में होटल, कैंप में 50 फीसद ही पर्यटक पहुंचे। इसका मुख्य कारण प्रदेश सरकार की ओर से श्रावण मास की कावंड यात्रा पर रोक है। बाहरी पर्यटकों का तीर्थनगरी में प्रवेश करने के लिए उनसे उनका कोविड-19 जांच की रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रायवाला, कैलासगेट, तपोवन, भद्रकाली, गरुड़चट्टी पर सख्ती बरती जा रही है। जिन सैलानियों के पास आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट नहीं हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है। जिसके चलते इन दिनों नीलकंठ में भी सीमित मात्रा में शिवभक्त पहुंच रहे हैं।
शनिवार को तपोवन, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम और नीलकंठ धाम में सैलानियों और श्रद्धालुओं की चहलकदमी कम ही रही। गंगा घाट और तटों पर गिनेचुने पर्यटक ही घूमते हुए नजर आए। रामझूला, लक्ष्मणझूला और जानकीसेतु पर भी सैलानियों की चहलकदमी कम रही। इस वीकेंड पर पर्यटकों की आमद कम होने पर व्यापारियों में मायूसी छा गई। होटल व्यवसायी अनुसूया प्रसाद पांडेय ने कहा कि बीते शनिवार और रविवार को तपोवन क्षेत्र में पर्यटकों की भीड़भाड़ थी। होटल एडवांस बुक हो गए थे। लेकिन इस बार वीकेंड सैलानियों की संख्या बहुत कम रही।