देहरादून-ऋषिकेश हाईवे पर रानीपोखरी में जाखन नदी पर बने वर्षों पुराने पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिरने के मामले में लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रमुख सचिव ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी। कमेटी सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
लोनिवि मंत्री महाराज ने प्रमुख अभियंता लोनिवि हरिओम शर्मा को बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हुए जाखन पुल की जांच के आदेश देने के साथ-साथ प्रदेश में स्थित सभी पुलों की मॉनिटरिंग के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी तैयारी सुनिश्चित की जाए।
लोनिवि मंत्री ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार से फोन पर बात कर उनसे पुलों के ऊपर ट्रैफिक कम करने के साथ-साथ डायर्वट करने के भी निर्देश दिए। महाराज ने सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता मुकेश मोहन से कहा है कि भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश की सभी जलविद्युत परियोजनाओं की स्थिति पर भी नजर रखी जाए।
इधर, प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने बताया कि जांच कमेटी में मुख्य अभियंता स्तर-एक क्षेत्रीय कार्यालय पौड़ी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत, यांत्रिक वृत्त, देहरादून और अधीक्षण अभियंता लोनिवि वृत्त गोपेश्वर को रखा गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश के बाद उफान पर आई चंद्रभागा नदी ने रुख बदल लिया है। मायाकुंड की बजाय अब नदी न्यू त्रिवेणी कॉलोनी और चंद्रेश्वर नगर की ओर बह रही है। इससे नदी के आसापस के लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन स्थानीय लोगों को रैन बसरे और चिन्हित धर्मशालाओं में शिफ्ट होने के लिए अर्लट कर रहा है। लेकिन लोग अपने घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
शुक्रवार अलसुबह चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। देखते ही देखते सुबह पांच बजे नदी उफान पर आ गई। इन बार नदी के प्रवाह का रास्ता भी बदल गया। नदी का विकाराल का रूप देखकर आसपास रहने वाले लोगों के होश उड़ गए। पहले नदी मायाकुंड की ओर बह रही थी। लेकिन सुबह नदी का रुख न्यू त्रिवेणी कॉलोनी और चंद्रेश्व नगर की ओर हो गया। नदी के आसपास मलिन बस्ती के भी नदी के बहाव की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
अब लोगों भू कटाव के चलते नदी का पानी आबादी क्षेत्र घुसने का डर सता रहा है। सूचना पर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने लोगों को खतरे की संभावना के चलते आईएसबीटी में बने रैन बसेरे और चिह्नित धर्मशालाओं में शिफ्ट होने के निर्देश दिए। लेकिन लोगों ने शिफ्ट होने से साफ इंकार कर दिया। संभावित खतरे के बावजूद लोग किसी भी कीमत पर अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। बृहस्पितवार को जिलाधिकारी ने चंद्रभागा के आसप के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था। जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन और नगर निगम को नदी के आसपास रहने वाले 90 परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।
चंद्रभागा नदी के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। नदी के रुख में परिवर्तन हुआ। हालांकि अभी भू-कटाव शुरू नहीं हुआ है। जलस्तर थोड़ा कम होने पर धारा परिवर्तन और कटाव को रोकने संबंधी कार्य किए जाएंगे।
- डॉ. अपूर्वा सिंह, एसडीएम, ऋषिकेश
रानीपोखरी में साल 1964 में बने मोटरपुल के दो हिस्से ढहने से रानीपोखरी का भानियावाला और डोईवाला से संपर्क कट गया है। अब स्थानीय लोगों को भानियावाला पहुंचने के लिए वाया ऋषिकेश, नेपाली फार्म होते भानियावाला पहुंचना होगा। इसके लिए लोगों को 37 किमी का सफर तय करना होगा। जबकि पहले भानियावाला चौक पहुंचने के लिए लोगों को 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती थी।
रानीपोखरी क्षेत्र में 35 हजार की आबादी रहती है। ऋषिकेश तहसील के इस क्षेत्र में जाखन नदी 57 साल पूर्व बने मोटरपुल के हिस्सों के ढहने से यहां भानियावाला जाने के लिए पहले रानीपोखरी से ऋषिकेश स्थित इंद्रमणि बडोनी चौक (10 किमी) आना होगा। यहां नेपाली फार्म (10 किमी) जाना हो, यहां से करीब (17 किमी) दूर भानियावाला जाना होगा।
बताया जा रहा है कि यदि बारिश कम होती है तो लोनिवि की ओर से पेट्रोल पंप के समांतर नदी के कुछ हिस्से में ह्यूम पाइप डालकर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया जाएगा। जबकि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए रानीपोखरी से भोगपुर, बिदालना नदी के रौखड़ से मलबा हटाकर थानो, भानियावाला होते हुए आगे भेजा जाएगा।
अभी उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, उनका जैसा भी आदेश रहेगा वैसा काम किया जाएगा। फिलहाल मौसम साफ होने के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ते बनाने का प्रयास किया जाएगा।
-पीएस बृजवाल अधीक्षण अभियंता 10वां वृत देहरादून