हाईकोर्ट ने राजाजी पार्क के अंदर कुनाऊ गांव में हो रहे निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद विपक्षी पुरुषोत्तम शर्मा को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे चिदानंद मुनि के ठेकेदार पुरुषोत्तम शर्मा की आय के स्रोत क्या हैं, इससे अवगत कराएं। साथ ही साबित करें कि कुनाऊ से उनका क्या संबंध है और वहां उनकी कोई जमीन है या नहीं। यदि है तो उसकी क्या स्थिति है।
जिसके बाद शपथपत्र देकर कहा गया कि पुरुषोत्तम शर्मा ने कुनाऊ गांव में 150 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। शर्मा का स्थायी निवास ऋषिकेश के श्यामपुर में है। 2019 की निर्वाचन नामावली में उनका नाम ऋषिकेश में ही है। उन्होंने राजाजी पार्क की भूमि पर अतिक्रमण किया है, जबकि वह स्थायी निवासी नहीं हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार के अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चिदानंद मुनि ने राजाजी पार्क के भीतर कुनाऊ में वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया है और 2006 से वहां निर्माण कर रहे हैं। पास ही वन विभाग की चौकी होने के बावजूद वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। याची का यह भी कहना है कि अतिक्रमण करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए।