चिकित्सा अधीक्षक डॉ एनएस खत्री ने बताया कि महिला को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी हालत बहुत खराब थी। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उसका इलाज भी शुरू कर दिया था लेकिन दो घंटे बाद ही महिला की मौत हो गई।
डॉ. एनएस खत्री का कहना है कि प्राय: यह देखने में आ रहा है कि तमाम बड़े निजी अस्पताल मरीजों को अपने यहां भर्ती तो कर लेते हैं। लंबे समय तक उनका इलाज भी करते हैं। लेकिन जब मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। तो मरीजों को दून अस्पताल रिफर कर दिया जाता है।
आंकड़ों पर स्वास्थ विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना बीमारी से देहरादून जिले में सबसे अधिक 32 मरीजों की मौत कोरोना बीमारी से हो चुकी है। जहां तक पूरे राज्य का सवाल है तो अब तक पूरे राज्य में 56 लोगों की मौत कोरोना से हुई।