- सभी विभाग सीधी भर्ती के पदों के सापेक्ष रोस्टर पंजिका तैयार करेंगे।
- संवर्गीय रोस्टर बनाने के बाद क्षैतिज आरक्षण की गणना कर रोस्टर पंजिका तैयार होगी।
- नियुक्ति अधिकारी हर माह रोस्टर पंजिका में खाली पदों का कारण सहित ब्योरा भरेंगे।
- हर कार्यालय में एक नोडल अधिकारी होगा, जो शासन को 15 दिन में पदों की जानकारी देगा।
- क्षैतिज आरक्षण में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने पर उसी वर्ग के सामान्य श्रेणी से चयन होगा, लेकिन उक्त रोस्टर क्रमांक को रिक्त रखा जाएगा और अगले चयन वर्ष में पुन: प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
श्रेणी पद की स्थिति
सामान्य: (1,2,3,4,5,7,9,12,13,14,17,18,19,23,24...)
एससी (19 प्रतिशत): (6,11,16,21,27...)
ओबीसी (14 प्रतिशत)- (8,15,22,29...)
आर्थिक रूप से कमजोर (10 प्रतिशत):(10,20,30...)
एसटी (4 प्रतिशत): (25वां...)
रोस्टर में क्षैतिज आरक्षण की ये होगी पदों की स्थिति
श्रेणी पद की स्थिति
उत्तराखंड महिला (30 प्रतिशत): (4,7,10,14,17,20,24,27,30...)
भूतपूर्व सैनिक(5 प्रतिशत): (21..)
दिव्यांगजन (4 प्रतिशत): (25..)
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (2 प्रतिशत):(51...)
कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य नए रोस्टर के पक्ष में नहीं थे। रोस्टर से पहला पद एससी के स्थान पर सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित किए जाने पर उन्हें एतराज था। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था कि कैबिनेट में पास रोस्टर का शासनादेश जारी न किया जाए।
उन्होंने कैबिनेट का निर्णय वापस लेने का भी अनुरोध किया था, लेकिन उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्प्लाइज एसोसिएशन नए रोस्टर का शासनादेश जारी करने की मांग कर रही थी। अपनी इस मांग को लेकर एसोसिएशन ने कैबिनेट मंत्रियों का दरवाजा भी खटखटाया था। कार्मिक विभाग से शासनादेश जारी हो जाने के बाद एसोसिएशन ने इसका स्वागत किया है और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।