पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को पंतनगर, किच्छा और जसपुर में उमर गौतम के कनेक्शन की गोपनीय जांच की गई। हालांकि जांच में कोई नई बात सामने नहीं आई है लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि उसकी इन क्षेत्रों में सक्रियता हो सकती है।
1980 से 1985 तक उमर गौतम पंतनगर विश्वविद्यालय में रहा
एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि वर्ष 1980 से 1985 तक उमर गौतम पंतनगर विश्वविद्यालय में रहा। इसके बाद उसकी जिले में कोई सक्रिय गतिविधि सामने नहीं आई है। धर्मांतरण को लेकर सक्रियता के बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार उमर गौतम और जहांगीर आलम के देश भर के 24 राज्यों में उमर का नेटवर्क फैला होने का दावा किया जा रहा है।
उमर के अन्य ठिकानों के साथ-साथ उसके मददगार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उसे और उसकी संस्था को फंडिंग कहां से हो रही थी, उसके पीछे सिर्फ धर्मांतरण मकसद था या कुछ और भी इसके बारे में पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मामला है। एटीएस की विभिन्न टीमों ने इसमें लगातार मेहनत की है।
बता दें कि 2 दिन पहले यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में किए जा रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था।
उमर गौतम दिल्ली के जामिया नगर स्थित बटला हाउस में इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था का संचालक है। उस पर आरोप है कि नोएडा के मूक बधिर स्कूल के दर्जनों छात्रों का धर्मांतरण कराया है।