हमेशा मुस्कराकर जवाब देने वाले सीएम हरीश रावत ने शुक्रवार को 1509 करोड़ के आपदा राहत घोटाला प्रकरण से जुड़े सवाल को दिल पर ले लिया। भावुक भी हुए और फिर ताल भी ठोक कर कहा कि भाजपा सबूत पेश करे कि केंद्र से आपदा के मद में आई धनराशि का दुरुपयोग हुआ है। ‘सिद्ध कर दें तो अभी जनता से माफी मांग, राजनीति छोड़ दूंगा।’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र से आपदा राहत के रूप में मिली राशि में 1509 करोड़ रूपए का हिसाब नहीं मिलने के आरोप और खबरें एकदम झूठी हैं और भ्रामक हैं। भाजपा के पास सबूत है तो एफआईआर कराए। आरटीआई की गलत रीडिंग की गई।
बीजापुर गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव और आवंटित धनराशि के ब्यौरे के संबंध में पत्रकारों को बता रहे थे। बात घूम-फिर कर आपदा राहत घोटाला पर केंद्रित हो गई। मुख्यमंत्री बोले, जितना बड़ा घोटाला बताया जा रहा है, उतना पैसा तो केंद्र से मिला ही नहीं। बिना सबूत इतना बड़ा आरोप लगाना, सियासी शिगूफे बाजी है। खुद ही सवाल उठाया कि अगर इतना बड़ा घोटाला हुआ तो फिर सारे अधिकारी नाकारा, मुझे भी वित्तीय समझ न होने पर मुख्यमंत्री रहने का अधिकार नहीं है।
रेल और बस से भरकर केंद्र से नोट नहीं आते: सीएम
ऐसा लग रहा था कि सीएम पूरी तैयारी से आए हुए थे। कहा आरोप लगाने वालों को समझना चाहिए कि केंद्र से धन आने की एक प्रक्रिया है। ऐसा नहीं कोई रेल और बस से भरकर नोट ले जाए। कई संस्थान ऐसे हैं जहां सीधे धनराशि जाती है। केंद्र से अनुमोदित व अवमुक्त धनराशि अलग-अलग बातें हैं।
केंद्र से राज्य को धनराशि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से बैंक स्थानांतरण के रूप में हैंड टू हैंड प्राप्त होती है। महालेखाकार राज्य सरकार का लेखा बनाते हैं। आडिट रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाती है। इसमें हिसाब न मिलने का तो सवाल ही नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जून 2013 की आपदा के बाद केंद्र सरकार ने कैबिनेट कमेटी ऑन उत्तराखंड का गठन किया। इसके माध्यम से दीर्घकालीन पुनर्निर्माण पैकेज में कुल 7980 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि अनुमोदित की गई। परंतु इस राशि के सापेक्ष केंद्र से राज्य को केवल 2367 करोड़ 74 लाख रूपए ही अवमुक्त किए गए। आपदा पुनर्निर्माण पैकेज के तहत कुल अनुमोदित राशि 7980 करोड़ 13 लाख के सापेक्ष अभी तक केंद्र से राज्य को केवल 2367 करोड़ 74 लाख रूपए ही अवमुक्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया, कितना पैसा मिला
विशेष योजनागत सहायता-पुनर्निर्माण में अनुमोदित 1100 करोड़ रूपए के सापेक्ष 775 करोड़ 22 लाख रूपए मिले
केंद्रपोषित योजनाएं-पुनर्निर्माण केंद्रांश में अनुमोदित 1884 करोड़ 92 लाख रूपए के सापेक्ष 243 करोड़ 1 लाख रूपए मिले
बाह्य सहायतित परियोजनाएं- पुनर्निर्माण में अनुमोदित 3737 करोड़ 34 लाख रूपए की राशि के सापेक्ष 658 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि अवमुक्त की गई।
एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के अंतर्गत 1207 करोड 87 लाख रूपए के सापेक्ष 691 करोड़ 31 लाख राशि अवमुक्त की गई है।
पर्यावरण शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए 50 करोड़ रूपए की राशि अनुमोदित की गई है। यह धनराशि केंद्र सरकार की संस्था द्वारा व्यय की जाएगी और राज्य सरकार को अवमुक्त नहीं होनी है।