फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झूठी निकली आपदा पीड़ित बच्ची की कहानी!

Thu, 04 Sep 2014 01:57 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई टिहरी
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वयं को केदारनाथ आपदा प्रभावित बताने वाली लड़की की असलियत कुछ और ही निकली। वह गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है और 26 जून से लापता थी।
विज्ञापन


उसने अपना नाम और पता सब गलत बताए। हालांकि पिता का नाम सही बताया। परिजनों को बच्ची को लेने के लिए बालिका निकेतन केदारपुरम देहरादून से संपर्क करने को कहा गया है।

चंबा में 26 अगस्त को मिली नाबालिग पहले स्वयं को केदारनाथ क्षेत्र की बता रही थी। उसने यह भी बताया कि उसका घर आपदा में बह गया था। उसके मां-बाप और भाई भी तेज बहाव में बह गए थे।
विज्ञापन


टिहरी पुलिस और बाल कल्याण समिति ने इस बच्ची को बालिका निकेतन देहरादून भेजा। इसके साथ ही उसके परिजनों को केदारनाथ क्षेत्र में भी भेजा, जहां कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
Trending Videos

पुलिस टीम को ढाई हजार रुपए का पुरस्कार देने घोषणा

इस बीच बच्ची ने देहरादून बालिका निकेतन की अधीक्षक को अपने घर का पता गाजियाबाद जिले के भोजपुर थानांतर्गत बताया।

एसपी मुख्तार मोहसिन ने बताया कि उप निरीक्षक अशोक कश्यप को बताए गए पते पर भेजा गया तो बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी 26 जून को लापता हो गई थी, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट नौ जुलाई को थाना भोजपुर में दर्ज कराई गई।

एसपी ने बताया कि बच्ची के पिता को देहरादून बालिका निकेतन से संपर्क करने को कहा गया है। एसपी ने बच्ची के परिजनों की तलाश करने पर पुलिस टीम को ढाई हजार रुपए का पुरस्कार देने घोषणा की है।

कहानी में नजर आ रहा था झोल

स्वयं को केदारनाथ आपदा पीड़ित बताने वाली बालिका की कहानी में शुरुआत से ही झोल नजर आ रहा था। उसने अपने भाई को जिस स्कूल में पढ़ना बताया था, ऐसा कोई स्कूल केदारनाथ क्षेत्र में है ही नहीं।

इसके साथ ही उसका अपने गांव का नाम न बता पाना भी शंका पैदा कर रहा था। बालिका हेलीकॉप्टर से हरिद्वार पहुंचाने की बात कही जा रही थी, जबकि हरिद्वार में सेना के हेलीकॉप्टर से कोई रेस्क्यू नहीं किया गया था।

उसके परिजनों का नाम गुमशुदा लोगों की सूची में न होना और हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किए गए लोगों में बालिका का नाम न होना भी उसकी कहानी में संदेह कर रहा था।

ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इसके पीछे कौन था, जिसने उसे केदारनाथ आपदा पीड़ित होने की कहानी बयान करवाई। पुलिस को अब उस हकीकत तक पहुंचना पड़ेगा।
विज्ञापन

बच्ची ने बताई थी यह कहानी

इससे पहले 26 अगस्त को टिहरी में 10 साल की मासूम के साथ वहशीपने का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची ने पुलिस को बताया था कि केदारनाथ जल प्रलय में वह अपने माता-पिता को खो चुकी है। और उसे इलाके के एक व्यक्ति ने अपनी हवस का शिकार बना लिया है।

मेडिकल के बाद उसे देहरादून में बाल निकेतन भेजने की तैयारी थी। लेकिन मेडिकल जांच में उसके साथ रेप की पुष्टि होने पर इलाके में सनसनी फैल गई।

इसके बाद पीड़ित बालिका ने बताया कि दो-तीन दिन पहले इलाके के ही एक कबाड़ी मनीराम ने उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद पुलिस ने मनीराम के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया।

इससे पूर्व अपनी आपबीती बताते हुए बिछड़ी बच्ची ने कहा था उसके पिता खच्चर चलाने के साथ ही खेती का काम भी करते थे। उनके खेतों में मटर, बैंगन और लहसुन होता था। आपदा के दिन वह खच्चर के साथ जंगल गई थी। घर लौटी तो देखा मकान ढह गया। मां, बाप, दादा-दादी, भाई-बहन कोई नहीं थे।

उसने बताया था कि गांव के नजदीक एक छोटा सा मंदिर भी था। जहां वे रहते थे, वहां बर्फ भी गिरती थी। उसने अपने भाई-बहन के बारे में भी बताया। उसे हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया था।

वह एक साल से मेरठ और हरिद्वार में भटकती रही। मंगलवार को चंबा में लावारिस हालत में घूमते मिलने पर लोगों ने उसे पुलिस को सौंपा था। उधर, पुलिस का कहना है कि बालिका की गुमशुदगी कहीं दर्ज नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें