पहाड़ों में घूमने के लिए आने वाले देश-विदेश के चिकित्सकों के लिए उत्तराखंड सरकार टूरिस्ट डॉक्टर योजना लाने जा रही है।
पर्यटन और तीर्थाटन के लिहाज से टूरिस्ट स्थलों में डॉक्टर को आमंत्रित कर उनका खर्चे सरकार उठाएगी बदले में उन्हें कुछ दिन चिकित्सा सुविधाओं से महरूम क्षेत्रों में सेवाएं देनी होंगी।
सामाजिक सरोकार को पर्यटन से जोड़ कर सुपर स्पेशलिस्ट और स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को इस योजना से आकर्षित करने की तैयारी है।
टूरिस्ट डॉक्टर योजना के तहत देश विदेश में बसे ऐसे डॉक्टरों को राज्य में आमंत्रित किया जाएगा जो निस्वार्थ सेवाभाव से चिकित्सा सुविधा से महरूम लोगों के लिए कुछ दिन सेवाएं दे सकें।
एक न्यूरो सर्जन ने जताई इच्छा
इस योजना में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय प्रदेश सरकार को सहयोग करने की हामी भर चुका है। इसके लिए महानिदेशालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा, जिसके जिम्मे ऐसे चिकित्सकों से संपर्क साधना रहेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आश्वस्त किया है कि वह एक नोडल अधिकारी की तैनाती केंद्र में सुनिश्चित करेंगे, जिससे बेहतर समन्वय बन सके।
अभी प्रदेश सरकार योजना का खाका खींच रही है कि एक सुपर स्पेशलिस्ट (न्यूरो सर्जन) ने सेवाएं देने के लिए महानिदेशालय से संपर्क साधा है। सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की कमी झेल रहे विभाग के लिए यह राहत की बात है।
विभागीय अधिकारी सुपर स्पेशलिस्ट से बात कर उनके लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। न्यूरो सर्जन के लिए गढ़वाल में देहरादून के अलावा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सेवा देने का स्कोप है।
ऐसा होगा योजना का स्वरूप
न्योते जाने वाले चिकित्सकों के लिए 10 से 15 दिन का एक पैकेज टूर रहेगा। इसके तहत उसके आने जाने के खर्च और स्थानीय स्तर पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च सरकार वहन करेगी। योजना के तहत न केवल बाहरी डॉक्टरों के आने-जाने बल्कि ठहरने की व्यवस्था भी होगी।
टूरिस्ट डॉक्टरों के लिए पर्यटन और चिकित्सा सेवाओं के लिए लिहाज से क्षेत्रों की मैपिंग भी की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता है कि मातृ और शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए गाइनोकालोजिस्ट, रेडियोलाजिस्ट, पिडियाट्रिशियन और एनस्थसिया विशेषज्ञों को तरजीह दी जाए।
चारधाम यात्रा है प्राथमिकता
योजना में चारधाम यात्रा को प्राथमिकता रखा गया है। यात्रा के दौरान सेवाएं देने के लिए डाक्टरों के अलावा ऐेसे ट्रस्टों को भी आमंत्रित किया जाएगा जो चिकित्सा के क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा देना चाहते हैं।