राजाजी टाइगर रिजर्व, देहरादून व मसूरी वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर आबादी की ओर दाखिल हो रहे हाथियों ने ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जंगलों से निकलकर आबादी की ओर रुख कर रहे हाथी जहां खेतों में खड़ी फसलों खासकर धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वही ग्रामीणों पर हाथियों के हमले का भी डर बना हुआ है। हालांकि, अभी तक हाथियों ने किसी ग्रामीण पर हमला नहीं बोला है। हाथियों के आबादी की ओर रुख करने से जहां ग्रामीण खौफजदा हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को जंगलों में ही रखने को लेकर तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने बताया कि टाइगर रिजर्व के हाथी टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी की ओर न जाने पाए इसके लिए जितने भी एलीफेंट कोरिडोर हैं वहां हाथियों की निगरानी की जा रही है। वहीं जिन इलाकों में हाथी आते आते जाते रहते हैं उन इलाकों में भी गश्त को तेज कर दिया गया है।
हाथी आबादी क्षेत्रों में न जाने पाए इसके लिए बेहद संवेदनशील इलाकों में सोलर फेंसिंग भी लगाई गई है। साथ ही बुलडोजर की मदद से बड़ी बड़ी खाई दी खोदी जा रही है ताकि हाथियों को आबादी की ओर जाने से रोका जा सके। टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि हाथियों के आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की तत्काल जानकारी मिल सके इसके लिए ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।