देरादून में रेलवे अधिकारी सुनील कुमार बलूनी खुदकुशी मामले में जांच के लिए दिल्ली गई पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई। पुलिस को हैंड राइटिंग के मिलान के लिए वहां बलूनी का हस्तलिखित कोई कागज नहीं मिल सका है। उधर, विवेचक का कहना है कि अभी दबिश देने का औचित्य नहीं है।
रेलवे अधिकारी बलूनी की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को गई पुलिस टीम शुक्रवार को वापस लौट आई। पुलिस रेलवे के बड़ौदा हाउस दिल्ली स्थित कार्यालय गई थी। दरअसल, दून में बलूनी का हिंदी में लिखा कोई दस्तावेज नहीं मिला है।
ऐसे में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग के मिलान के लिए दिल्ली में उनका लिखा कागज लेना था। सूत्रों का कहना है कि रेलवे अधिकारी पुलिस को अभी कोई कागजात उपलब्ध नहीं करा सके हैं। हालांकि, जल्द ही फाइल खंगालकर दस्तावेज देने का आश्वासन दिया है।
मामले की जांच कर रहे एसओ नेहरू कालोनी ओमवीर रावत का कहना है कि मामले में अभी दबिश देने का कोई सवाल नहीं है। बता दें कि चार आरोपियों में से तीन दिल्ली के रहने वाले हैं।