उत्तराखंड की गाड़ी एक बार फिर रेल बजट के ट्रैक पर नहीं चढ़ सकी। गढ़वाल (वाराणसी रामेश्वरम वाया हरिद्वार) और कुमाऊं (रामनगर-आगरा) को एक-एक ट्रेनों झुनझुना और केदारनाथ-बदरीनाथ तक रेल लाइन की संभावनाओं का सर्वे बस इतने पर ही रेल बजट की गाड़ी पटरी से उतर गई।
रेल मंत्रालय ने हाल ही जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों के बीच से रेल ट्रैक बिछाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। ऐसे में कठिन होने के बाद भी केदारनाथ-बदरीनाथ तक रेल सफर की संभावना को बल मिला है। लेकिन अन्य रेल परियोजनाओं के रिकार्ड पर नजर डालें तो इस नए सर्वे को लेकर भी शंका स्वाभाविक है।
मसलन सर्वे कब शुरू होगा और फिर क्या रिपोर्ट वहां के दरकते पहाड़ों और उफनाती नदियों के बीच रेल ट्रैक बिछाने की इजाजत देगी। रेल ट्रैक को लेकर सर्वे रिपोर्ट अनुकूल भी आती है तो यह योजना पूरी करने में रेलवे को सालों लगेंगे।