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फर्जी एसओजी सिपाही बनकर गोवंश तस्कर के घर मारा छापा

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गोवंश कटान की सूचना पर फर्जी एसओजी सिपाही बनकर छापा मारा और उससे 90 हजार रुपये की उगाही कर डाली। कथित छापे में उसके साथ खुद को पत्रकार बताने वाला युवक भी था, जबकि, छापे की योजना दो अन्य युवकों ने बनाई थी। मामला खुला तो पुलिस ने फर्जी सिपाही उसके साथी और योजना बनाने वाले को गिरफ्तार कर लिया। गोवंश तस्कर से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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मामला पटेलनगर थाना क्षेत्र के कारगी ग्रांट का है। यहां मुस्लिम बस्ती में होली की रात में सलीम नाम के व्यक्ति के घर पर दो लोग पहुंचे थे। इनमें से एक ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया जबकि दूसरे ने खुद को पत्रकार। घटनाक्रम के अनुसार इनके पास सूचना थी कि सलीम गोवंशीय पशु को काट रहा था। बताया जा रहा है कि वहां पर कुछ अवशेष भी पड़े थे। इसके बाद इन्होंने मामला रफा दफा करने के लिए सलीम से ढाई लाख रुपये मांगे लेकिन सलीम 90 हजार रुपये ही दे पाया। इस बीच दो व्यक्तियों साजिद व इस्लाम ने फर्जी सिपाही और सलीम के बीच समझौता कराया। बात हुई कि वह सलीम की तरफ से उन्हें (सिपाही को) 1.60 लाख रुपये सुबह के समय दे देगा। इसके बाद अगले दिन साजिद ने क्षेत्र में मीटिंग बुला ली कि उसने सलीम को पुलिस वालों से बचाया है और इसके लिए उसने 1.60 लाख रुपये उन्हें दिए हैं। वह इन पैसों की मांग कर रहा था। विवाद बढ़ा तो सूचना पटेलनगर पुलिस तक पहुंच गई।
एसएसआई कुंदनराम ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दो युवकों शुभम और जावेद को गिरफ्तार कर लिया। जावेद ने खुद को एसओजी का सिपाही बताया था जबकि शुभम ने पत्रकार। पूछताछ में पता चला कि सारी योजना साजिद और इस्लाम ने बनाई थी। पुलिस ने साजिद को भी दबोच लिया जबकि इस्लाम पकड़ से बाहर है।
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सहारनपुर से बुलाए थे रातोंरात
पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि धन की उगाही के लिए यह सारी साजिश साजिद और इस्लाम ने रची थी। उन्होंने शुभम, जावेद को रातोरात सहारनपुर से बुला लिया, चूंकि, सलीम पहले भी गोवंश तस्करी में जेल जा चुका है। लिहाजा वह घबरा गया और उसने बिना सोचे समझे रुपये दे दिए। मगर अगले दिन साजिद की हरकतों से मामला खुल गया।
सलीम के घर से पुलिस को नहीं मिले अवशेष
एसएसआई ने बताया कि सलीम की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि यदि उसने यह काम न किया होता तो वह डर के मारे पैसे न देता। पर अभी तक पुलिस को उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले हैं। सलीम के घर से गोवंश के अवशेष भी नहीं मिले हैं। हालांकि, इस बात की जानकारी की जा रही है कि यदि उसने गोवंशीय पशु काटा था तो कहीं उसने आगे किसी को मांस तो नहीं बेचा है। यदि इसके सुबूत मिले तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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