लंबे समय से रईसों की एशगाह हैं रिर्जोट, एक अधिकारी भी साझेदार
सहसपुर क्षेत्र का रिजोर्ट सालों से रईसों की एशगाह रहा है। इस पर कुछ अधिकारियों की भी इनायत थी। बताया जा रहा है कि इसमें साझेदार भी एक बड़ा अधिकारी है। यही कारण है कि इस पर इतने लंबे समय से किसी ने हाथ नहीं डाला। देश के कई प्रदेशों के रईस यहां पर युवतियों के साथ रंगरलियां भी मानते हैं। बुधवार रात को भी यहां से 12 युवतियां पकड़ी गई थीं। इनमें कुछ नेपाल मूल की भी बताई जा रही हैं। बुधवार रात को एसटीएफ और स्थानीय थाना पुलिस ने सहसपुर क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में छापा मारा था।
यहां पर 25 लोग कैसिनो में जुआ खेलते पकड़े गए। सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और जुर्माना लेकर नियमानुसार छोड़ दिया गया। लेकिन, यह पहली बार नहीं था जब यहां पर जुआ खेला जा रहा था। देश-विदेश की युवतियों के साथ रंगरलियां मनाई जा रही थीं। सूत्रों की माने तो यहां पर लंबे समय से यह सब चल रहा था।
कोरोना काल से पहले हर सप्ताह शनिवार और रविवार की रात में यहां पर इस तरह की पार्टियां चलती थीं। लेकिन, कोविड की बंदिशें खत्म होने के बाद ये लोग कभी भी आकर पार्टियां कर जुआ खेलते हैं। सूत्रों के अनुसार इस रिजॉर्ट में एक बड़े अधिकारी की पार्टनरशिप है। इसके चलते यहां पर ना तो पुलिस और ना ही अन्य एजेंसी हाथ डालती थी। बताया जा रहा है कि यहां पर कई प्रदेशों के अधिकारी भी अक्सर आया करते थे।
पहली बार पकड़ा गया कैसिनो
कई क्षेत्रों में खुले रिजॉर्ट में होती हैं जुआ पार्टी
शहर और आसपास के जंगलों और नदियों के किनारे सुनसान जगहों पर ऐसे तमाम रिजॉर्ट बने हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ जगह इस तरह की पार्टियां होती हैं। चूंकि, उत्तराखंड में कैसिनो वैध नहीं है तो यह सब भी अवैधानिक होता है।