पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने पंजाब के किसानों को गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल के मुद्दे पर कुछ विधायकों ने नाराजगी जताई है, लेकिन इस पर बात कर ली जाएगी। पंजाब के विधायकों ने कुछ स्थानीय मसले भी उठाए हैं, उन पर कैप्टन के अलावा पार्टी हाईकमान से अलग से बात की जाएगी।
पार्टी हाईकमान तक जाने की नौबत नहीं आएगी...
हरीश रावत ने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि विधायकों में असंतोष के जो मामले सामने आए हैं, उनका समाधान उनके ही स्तर पर हो जाए। लेकिन जरूरत हुई तो उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलवाया जा सकता है। इसमें गलत कुछ भी नहीं है कि विधायक पार्टी अध्यक्ष से मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी आश्वस्त किया है इस मसले पर पार्टी हाईकमान तक जाने की नौबत नहीं आएगी।
सिद्धू का दायित्व है, वह अपने मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करें
हरीश रावत ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। मान-सम्मान दिया है। अब सिद्धू की जिम्मेदारी है कि वह पार्टी के मान-सम्मान को आगे बढ़ाएं। अपने मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करें। अगर कहीं कोई दिक्कत है तो बातचीत करें। लोकतंत्र में बातचीत से हर मसले का हल निकल जाता है। उन्होंने इस दौरान चुटकी भी ली, कहा- अब तो तालिबानी भी लोकतांत्रिक बातचीत की बात कर रहे हैं।