शनिवार को सोनप्रयाग से 510 श्रद्घालु केदानाथ धाम के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही अब यात्रियों को पूजन सामग्री और फूल मालाएं धाम में मिल सकेंगी।
पूजन सामग्री और फूल मालाएं मिलेंगी धाम में
इस वर्ष अभी तक यहां पर इस तरह की सुविधा नहीं थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जिला प्रशासन केदारनाथ हेलीपैड के समीप दो टेंट पूजन सामग्री बेचने के लिए स्थानीय व्यापारियों को देगा।
इस साल चार मई को कपाट खुलने के बाद प्रशासन की तरफ से यात्रा तो शुरू कर दी गई लेकिन धाम में पूजन सामग्री और फूल माला नहीं मिल पा रही है।
यहां पूजन सामग्री और फूल माला बेचने की दुकान लगाने वालों को कोई अनुमति नहीं दी गई, जिससे लगभग 19 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा के द्वार पर खाली हाथ मत्था टेक रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने इस समस्या को रखा था हरक के सामनेपिछले दिनों केदारनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने आए कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के सामने श्रद्धालुओं ने इस समस्या को रखा था।
कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन को कुछ टेंट अस्थायी दुकान चलाने के लिए स्थानीय तीर्थपुरोहित और व्यापारियों को देने के निर्देश दिए।
केदारनाथ में वैली ब्रिज से पहले तीर्थ पुरोहितों के लिए 10 टेंट लगाए गए हैं। इनमे से दो टेंट पूजन सामग्री बेचने के लिए निशुल्क दिए जा रहे हैं। हेलीकाप्टर से पूजन सामग्री और फूल-मालाएं भी धाम में पहुंचाई जाएगी। दुकान संचालक प्रशासन से तय रेट पर श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री देगा।
- डॉ. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग
1756 तीर्थयात्रियों ने किए बदरीनाथ के दर्शन
शुक्रवार को बदरीनाथ धाम में 1756 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ से कंचन गंगा तक इन दिनों सही हालत में है।
तीर्थयात्री जगह-जगह रुककर प्रकृति का आनंद ले रहे हैं। परिवार के साथ बदरीनाथ की यात्रा पर दिल्ली से आए तीर्थयात्री रवींद्र कुमार और रामशरण कहते हैं कि बदरीनाथ की तीर्थयात्रा कर मन को सुकून मिला है।
बदरीनाथ पहली बार आए हैं। यहां आपदा से नुकसान तो है, लेकिन यात्रा को लेकर की गई तैयारियां राहत देने वाली हैं।