बैंक अधिकारियों के बड़े संगठन आईबॉक (ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन) ने 13 अक्तूबर के बाद से प्रबंधन का अतिरिक्त सहयोग करने से साफ इंकार कर दिया है।
नवंबर के पहले सप्ताह में हड़ताल
संगठन ने साफ कहा है कि सदस्य ‘वर्क टू रूल’ के हिसाब से काम करें और कार्यालय को अतिरिक्त समय न दें। बीच-बीच में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाए और नवंबर के पहले सप्ताह में हड़ताल की जाए।
इसके बाद भी बात न बने तो बेमियादी हड़ताल का सहारा लिया जा सकता है। 23 अक्तूबर को दीपावली है और इसके एक सप्ताह पहले और बाद का सप्ताह खरीददारी का है। ऐसे में संगठन के इस निर्णय से बैंक ग्राहकों को आने वाले त्योहारी सीजन में बैंकिंग में दिक्कतें हो सकती हैं।
संगठन के महासचिव हरविंदर सिंह की ओर से जारी नोट में कहा गया है कि एक ओर बैंक अधिकारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ उनकी वेतन, भत्तों की मांगों की लगातार अनदेखी हो रही है।
वर्क टू रूल का पालन हो...
ऐसे में संगठन ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। आंदोलन के कार्यक्रम में 13 अक्तूबर से ही अधिकारियों को वर्क टू रूल का पालन करने को कहा गया है। मतलब यह है कि अधिकारियों की ओर से कार्यालय का समय खत्म होते ही काम बंद कर दिया जाएगा।
ऐसे में उन बैंकों में खास परेशानी होने वाली है जहां स्टाफ की कमी के कारण बैंक प्रबंधकों पर सारा दारोमदार है। प्रदेश में पर्वतीय क्षेत्रों में कई ऐसी शाखाएं हैं जो अकेले अधिकारी के दम पर चल रही हैं।