उत्तराखंड सरकार की ओर से गल्ला फुटकर और थोक व्यापारियों पर लागू किए जा रहे ‘आवश्यक वस्तु अनुसूचित अधिनियम 2013’ को व्यापारियों ने काला कानून करार दिया है।
सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान
व्यापारियों ने आठ जनवरी को सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान किया है। रविवार को दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया के नेतृत्व में गीता भवन में बैठक बुलाई गई।
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प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि आंदोलन के प्रथम चरण में आठ जनवरी को व्यापारी बड़ा प्रदर्शन करेंगे। पुतला जलाने के साथ डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
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व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल गोयल ने व्यापारियों से कानून के विरोध में एकजुट होने की अपील की। बैठक में दून उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रभाकर, अमरजीत सिंह आनंद, मीत अग्रवाल, अनुज जैन, आयुष गोयल, राम किशन, कुलभूषण अग्रवाल, बृजलाल, देशबंधु गोयल, मणिराम, प्रतीक डीडी अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
इसलिए हो रहा विरोध
व्यापारियों के मुताबिक कानून लागू होने पर खाद्य आपूर्ति विभाग किसी भी फुटकर या थोक व्यापारी के दुकान-गोदाम का ताला तोड़ निरीक्षण कर सकता है। अनियमितता पर मुकदमे के साथ जेल भेजने का भी प्रावधान है।
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व्यापारियों का तर्क है कि कानून में खाद्यान्न स्टॉक की निश्चित सीमा तय की गई है, जो उत्तराखंड जैसे विषम परिस्थितियों वाले राज्य में लागू होना संभव नहीं है।