दो साल पहले अरुणाचल में एक ऑपरेशन के दौरान पति के शहीद होने की खबर 26 साल की प्रिया के लिए पहाड़ टूटने से कम नहीं थी।
पति के जज्बे ने दिया हौसला
गोद में दो साल की छोटी बच्ची और कठिन जिंदगी का सफर मुश्किल करने के लिए काफी था। मगर देश के लिए जान देने वाले पति के जज्बे ने प्रिया को हौसला दिया।
कड़ी मेहनत के बाद शनिवार को बतौर लेफ्टिनेंट ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई से पासआउट प्रिया लेह में आतंकियों से लोहा लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ओटीए चेन्नई में पासिंग आउट परेड में देहरादून के गढ़ी कैंट आमबाग निवासी प्रिया सेमवाल का नाम उन 62 महिला कैडेटों में था, जो मुश्किलों से जूझने के बाद लेफ्टिनेंट बनी थीं।
ऑपरेशन के दौरान वह शहीद हो गए पति
परेड में कुल 256 अधिकारी सेना का हिस्सा बने। प्रिया के पति नायक अमित शर्मा 14 राजपूत रेजीमेंट में जवान थे। 2012 अरुणाचल प्रदेश में एक ऑपरेशन के दौरान वह शहीद हो गए थे।
बीएड कर चुकी प्रिया शर्मा के लिए यह जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती थी। पति की मौत के बाद प्रिया ने हिम्मत नहीं खोई। फैसला किया कि वह भी सेना में जाकर पति के सपने को पूरा करेंगी।
परिजनों से सलाह के बाद कठोर परिश्रम कर प्रिया ने ओटीए चेन्नई में दाखिला पा लिया। कड़ी ट्रेनिंग के बाद शनिवार को प्रिया वहां से बतौर लेफ्टिनेंट पासआउट हुई। इस मौके पर उनकी चार साल की बेटी ख्वाहिश, भाई प्रवेश सेमवाल और मां वेशाखा सेमवाल भी रहे।
लेह में आतंकियों से लेंगी लोहा
ओटीए से निकलने के बाद प्रिया अप्रैल से लेह में तैनात होंगी। प्रिया चाहती है कि जिस तरह पति ने देश पर जान कुर्बान की है। उन्हीं की तरह मातृभूमि पर कुर्बान होना उनके लिए गर्व की बात होगी।