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युवाओं के लिए खुशखबरी, प्राईवेट संस्थानों में सस्ती हुई नर्सिंग की पढ़ाई 

Tue, 26 Sep 2017 09:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नर्स‌िंग के क्षेत्र में पढ़ाई के ल‌िए जाने वाले युवाओं के ल‌िए खुशखबरी है। प्राईवेट संस्‍थानों में पढ़ाई के ल‌िए अब उन्हें मोटी फीस नहीं भरनी पड़ेगी। सरकार ने फीस के स्ट्रकचर से कई तरह से शुल्क को हटा द‌िया है
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शासन ने निजी नर्सिंग संस्थानों में संचालित होने वाले एएनएम, जीएनएम और बीएससी नर्सिंग कोर्स के फीस संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद निजी नर्सिंग संस्थान निर्धारित शुल्क के अलावा किसी अन्य तरह का शुल्क जैसे विकास, भवन आदि शुल्क नहीं वसूल सकेंगे।

दो अगस्त को शुल्क निर्धारण समिति की बैठक हुई थी। इसमें निजी क्षेत्र के असहायतित चिकित्सा-शिक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं के विभिन्न कोर्स का शुल्क तय किया गया था। अब शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसमें पाठ्यक्रम 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 सत्र के लिए फीस तय कर दी गई है। 
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निर्देशों पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

इसके तहत एएनएम कोर्स में राज्य कोटे की सीट के लिए एक साल की फीस 41 हजार 800 और प्रबंधकीय कोटे की फीस 52 हजार 800 तय की गई है। जीएनएम के लिए राज्य कोटे की सीट के लिए 44,000 हजार और प्रबंधकीय कोटे की सीट के लिए 55,000 हजार फीस तय की गई है। 

बीएससी नर्सिंग के लिए राज्य कोटे की फीस 61,600 तय की गई है, जबकि प्रबंधकीय कोटे की सीट के लिए 72 हजार 600 तय किया गया है। शासन ने निजी नर्सिंग संस्थानों को केवल संस्थान शुल्क 10 हजार लेने की छूट प्रदान की है। बाकी कोई भी शुल्क वसूल नहीं कर सकेंगे। 

अनुमोदित शुल्क ढांचा छात्र-छात्राओं की पूर्ण अध्ययन अवधि के लिए लागू किया गया है। अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय के अनुसार इस निर्धारित शुल्क से अधिक राशि अगर निजी संस्थानों ने छात्रों से प्राप्त की है, तो वह वापस करनी होगी। अगर निजी संस्थान निर्देशों पालन नहीं करते हैं, तो कठोर कार्रवाई करने की बात भी शासन ने की है।
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