कुष्ठ रोगियों की सेवा के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन की रखी गई नींव
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान की ओर से अस्पृश्यता का अंत कर उसे दंडनीय बनाया गया लेकिन दुर्भाग्य से सदियों से चली आ रही कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति मानसिक अस्पृश्यता आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। यह अज्ञानता आधुनिक युग में भी विद्यमान है। इन्हें दूर करने की दिशा में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सार्थक प्रयासों की वह सराहना करते हैं। कुष्ठ रोगियों की सेवा के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष ने इस मिशन की नींव रखी। आज से दो दशक पूर्व एक युवा का प्रयागराज से हरिद्वार आकर समाज की परंपराओं के विरुद्ध इस संस्थान की स्थापना और विकास करना आसान नहीं था। कुष्ठ रोगियों का उपचार, विद्यालयों में कुष्ठ प्रभावित लोगों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना, छात्रावास की व्यवस्था, विशेषकर बेटियों को भी छात्रावास की सुविधा देना और शोभा स्मृति कौशल विकास केंद्र की स्थापना करना बहुत सराहनीय है।
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राष्ट्रपति ने किया युवाओं से किया योगदान देने का आह्वान
उन्होंने कहा कि ऐसे उत्कृष्ट सेवाकर्म और समर्पण के लिए इस मिशन की गतिविधियों और उसके विकास को तब से देख रहा हूं जब यहां घासफूस की एक झोपड़ी में कुष्ठ पीड़ितों की चिकित्सा सेवा आरंभ की गई थी। आज यह मिशन बड़े पैमाने पर सेवारत है और जन-चेतना का संचार भी कर रहा है। आज उनके मानस पटल पर वे सभी पुरानी स्मृतियां धीरे-धीरे उभर रही हैं। उन्होंने देश के युवाओं से कुष्ठ प्रभावित लोगों की सेवा करने के अनुकरणीय उदाहरणों से प्रेरणा लेकर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन, सेवाकुंज परिसर पहुंचने पर शिव अवतरण, शिव ज्ञान से जीव सेवा यज्ञ, सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग पूजन, एक वर्षीय अनुष्ठान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इसके साथ ही दिव्य प्रेम सेवा मिशन, सेवाकुंज परिसर में विल्व के पौधे रोपे।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त गुरमीत सिंह, देश की प्रथम महिला सविता कोविंद,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डा. आशीष गौतम, संयोजक संजय चतुर्वेदी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. धन सिंह रावत, सांसद रमेश पोखरियाल ‘निशंक, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं, शिव प्रताप शुक्ल, सचिव विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेन्द्र सिंह रावत आदि मौजूद थे।
राष्ट्रपति के लौटने तक बार-बार लगता रहा जाम
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हरिद्वार पहुंचने के दौरान हाईवे और शहर के अंदर जाम लग गया। राष्ट्रपति के लौटने तक बार-बार जाम लगता रहा। फ्लीट निकलने तक शहर की गलियां और कई मार्गों को बंद कर दिया गया।
रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हेलीकॉप्टर से भेल स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। करीब साढ़े दस बजे उनकी फ्लीट वहां से रवाना होकर भेल मुख्य मार्ग, भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक, प्रेम नगर चौक से होकर हाईवे से होते हु चंडीघाट स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन पहुंची। इस दौरान सड़क यातायात को रोकते हुए बिल्कुल खाली करा दिया गया। राष्ट्रपति की फ्लीट निकल जाने के बाद जब वाहनों को जाने दिया गया तो यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। हर तरफ जाम लग गया। देहरादून-दिल्ली हाईवे के साथ ही शहर के अंदर भी वाहनों की कतारें लगी रही।