हाथीबड़कला में बेरिकेडिंग को तोड़कर मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही पीआरडी महिलाओं को वापिस हाथीब
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जीओे जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास जा रहे पीआरडी जवानों की पुलिस से हाथापाई हो गई। एक दारोगा ने इस दौरान पीआरडी जवान के हाथ से माइक छीन लिया और लात मारकर बॉक्स तोड़ दिया, जिससे मामला गरमा गया। जवान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। महिला पीआरडी जवानों के साथ भी इस दौरान पुलिस ने धक्कामुक्की की। आखिर में लगभग 250 पीआरडी जवानों को गिरफ्तार बसों में भरकर सुद्धोवाला में छोड़ दिया गया।
पीआरडी जवान बृहस्पतिवार को नारेबाजी प्रदर्शन करते हुए गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास कूच करने पहुंचे। इस दौरान हाथीबड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पीआरडी जवानों को रोक लिया। काफी देर तक यहां जवान नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने यहां रोके रखा, तो जवान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इसी बीच एक दारोगा ने जवान के हाथ से माइक छीन लिया और बॉक्स पर लात मारकर तोड़ दिया। जिससे पीआरडी जवानों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस और पीआरडी जवानों के बीच पहले नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। इसके बाद बात हाथापाई पर उतर आई। इस दौरान महिला पीआरडी जवानों के साथ ही भी पुलिस ने धक्कामुक्की की। पीआरडी जवानों का कहना है कि महिला पीआरडी जवानों के लिए महिला पुलिस तक इस दौरान तैनात नहीं थी। आखिर में पुलिस ने लगभग 250 पीआरडी जवानों को गिरफ्तार कर बसों में भरा और सुद्धोवाला में छोड़ दिया। अध्यक्ष दिनेश प्रसाद ने कहा कि गांधी पार्क पर धरने पर बैठे उन्हें कई दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही। कहा कि वे सालभर रोजगार, युवा कल्याण व प्रांतीय रक्षक दल को पृथक करने और सभी पीआरडी जवानों का सत्यापन करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती, उनका धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में हरीश, सरिता, सुनील लखड़वाल, सुनील चौहान, मुकेश तोमर, सावित्री धर्मा, सीमा सहित कई पीआरडी जवान शामिल रहे।