जेल के भीतर से रंगदारी मांगने और घर के बाहर फायरिंग कर धमकाने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। विकास बालरा और दीपिका की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही अर्जुन की हिस्ट्रीशीट भी खंगाली जा रही है। पुलिस जेल में बंद आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, रंगदारी और धमकी के इस मामले में फरार चल रहे विकास बालरा और दीपिका की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी के साथ ही दोनों के संपर्कों और कॉल डिटेल्स को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह जेल के भीतर और बाहर बैठे लोगों के समन्वय से काम कर रहा था। वहीं, इस पूरे प्रकरण में अर्जुन की हिस्ट्रीशीट भी खंगाली जाएगी। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व मामलों और गिरोह से संबंधों की जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रंगदारी नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका रही है। जेल रिकॉर्ड, मुलाकात रजिस्टर और मोबाइल कनेक्शन समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
उधर, जेल में बंद संजय और उसकी पत्नी सीमा राजपूत भी पुलिस जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक इतिहास का भी पता लगा रही है। बता दें कि 2024 में हुए मंजेश हत्याकांड के मामले में संजय और अर्जुन जोल में बंद हैं। संजय की पत्नी सीमा ने अर्जुन और उसके सहयोगियों पर ही रंगदारी मांगने और घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। अर्जुन पहले से डबल गेम खेलने में माहिर है। मंजेश ने पहले अर्जुन को सुपारी दी थी कि वह संजय उर्फ फौजी को ठिकाने लगा दे। अर्जुन ने संजय से इस बात का जिक्र किया तो संजय ने उसे मंजेश को ठिकाने लगाने के लिए 10 करोड़ की सुपारी दे दी। इसके बाद एक दिसंबर 2024 को अर्जुन ने मंजेश की हत्या कर दी। इसी मामले में दोनों सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि रंगदारी मांगने और फायरिंग के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन आरोपियों ने फायरिंग की है उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आदतन अपराधियों के खिलाफ हिस्ट्रशीट पता लगवाकर गैंगस्टर की भी कार्रवाई होगी।