बुधवार देर रात रुड़की क्षेत्र में हुए बवाल के बाद किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रभावित रामपुर व सालियर गांव में पुलिस, पीएसी व आईटीबीपी की तैनात कर दी गई। बृहस्पतिवार को हिंदुवादी संगठनों के विरोध-प्रदर्शन व कोतवाली घेराव की सूचना से दिनभर हड़कंप मचा रहा।
शांति व्यवस्था के मद्देनजर शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पथराव में ज्यादा घायल एक कांवड़िए को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि गंगनहर कोतवाली प्रभारी, एसओ भगवानपुर समेत चोटिल हुए पुलिसकर्मियों और दोनों पक्षों के ग्रामीणों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
बृहस्पतिवार की दोपहर सालियर के ग्रामीणों ने गंगनहर कोतवाली पहुंच पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ बलवा, मारपीट जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल की ओर से माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ का डीजे बंद कराने को लेकर हुआ बवाल
बुधवार की रात सालियर में कांवड़ियों का एक जत्था डाक कांवड़ के साथ हाईवे पर रामपुर से गुजर रहा था। एक धर्मस्थल के बाहर डीजे बंद कराने को लेकर कांवड़ियों और दूसरे समुदाय के लोगों के बीच विवाद हो गया।
दोनों पक्षों की ओर से पथराव और मारपीट शुरू होने से बवाल हो गया। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल समेत पुलिस के आला अधिकारी व जिलेभर के थानों से बुलाए गए पुलिस बल ने मशक्कत से हालात पर काबू पाया।
मामला अलग-अलग समुदाय से जुड़ा होने के कारण रात में ही शहर के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों व आसपास के गांवों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को कोतवाली घेराव की योजना की सूचना पर एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल समेत आला अधिकारी दिनभर गंगनहर कोतवाली में डेरा डाले रहे। चंद्रशेखर चौक पर विरोध-प्रदर्शन का प्रयास कर रहे हिंदुवादी नेताओं को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद उन्होंने रामनगर चौक पर पुतला फूंका।
रातभर रही कर्फ्यू की अफवाह से अटकी सांसें
दो समुदायों के बीच बवाल के बाद कलियर समेत कई गांवों में यह अफवाह फैल गई कि रुड़की में बवाल के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। इससे कई गांवों में तनाव के हालात पैदा हो गए। सुबह होने पर सही जानकारी मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
कांवड़ियों को रोक-रोक कर किया रवाना
बवाल पर काबू पाने के बाद हाईवे पर कांवड़ियों को रोक-रोक कर निकाला गया। पुलिस को आशंका थी कि कांवड़ियों के भेष में कोई असामाजिक तत्व सालियर गांव पहुंचकर हंगामा न कर दे। इसके लिए कांवड़ियों व अन्य दुपहिया वाहन सवार राहगीरों को रोककर उनके आईडी प्रूफ भी चेक किए गए।
माहौल नहीं भांप पाया खुफिया विभाग
कांवड़ धार्मिक आयोजन के साथ ही बेहद संवेदनशील यात्रा है। रामपुर जैसे संवेदनशील गांव पर कांवड़ यात्रा के दौरान नजर रखने की जरूरत थी। बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। खुफिया विभाग ने भी पुलिस प्रशासन को इसके प्रति आगाह नहीं किया। खुफिया विभाग और पुलिस की इसी चूक के कारण यहां पर बवाल हुआ।
जब दूसरी कांवड़ लौटी तब बढ़ा बवाल
रुड़की। गांव से हर साल की तरह इस साल भी दो डाक कांवड़ निकाली गई। एक कांवड़ रामपुर चुंगी से काफी आगे सालियर की तरफ बढ़ चुकी थी। जबकि पीछे आ रही दूसरी कांवड़ के रामपुर पहुंचने पर बवाल हो गया।
हंगामा होने पर पीछे चल रहे कुछ कांवड़ियों ने दौड़कर इसकी सूचना अगले जत्थे को दी। जिस पर दूसरा जत्था भी वापस रामपुर पहुंच गया। दोनों जत्थों को मिलाकर कांवड़ियों की संख्या करीब 150 के आसपास जमा होने पर दोनों ओर से पथराव शुरू हुआ।
पथराव में वाहन व डाक कांवड़ भी क्षतिग्रस्त
पथराव और तोड़फोड़ में न सिर्फ हाईवे पर खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हुए। बल्कि डाक कांवड़ भी कई जगह से टूूट गई। डीजे के प्लेयर समेत साउंड सिस्टम को भी नुकसान हुआ। डीजे चला रहे अर्जुन ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने उसका डीवीडी प्लेयर उठाकर सड़क पर पटक दिया था।