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पीएम का केदारनाथ दौरा: गर्भगृह में लाइव प्रसारण पर सियासत, भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू

Mon, 08 Nov 2021 12:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि गणेश गोदियाल उस समय जूते पहनकर मंदिर में गए थे, जब मंदिर का गर्भगृह लाशों से अटा पड़ा था। उनको बाहर निकालना सबसे पहली प्राथमिकता थी। रही बात एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ की, तो क्या भाजपा यह कहना चाहती है कि पीएम मोदी ने कमलनाथ का अनुसरण किया है।
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पूर्व सीएम हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर भाजपा का आरोप है कि वह वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में जूते पहनकर गए थे। इन आरोपों पर जहां गणेश गोदियाल ने सफाई दी, वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत भी उनके बचाव में सामने आए हैं। हरीश ने कुछ इस अंदाज में भाजपा के वार पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, भाजपा कत्ल भी कर दे, कहते हैं चर्चा न हो।’

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पीएम मोदी ने कमलनाथ का अनुसरण किया
पूर्व सीएम रावत का कहना है कि गणेश गोदियाल उस समय जूते पहनकर मंदिर में गए थे, जब मंदिर का गर्भगृह लाशों से अटा पड़ा था। उनको बाहर निकालना सबसे पहली प्राथमिकता थी। रही बात एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ की, तो क्या भाजपा यह कहना चाहती है कि पीएम मोदी ने कमलनाथ का अनुसरण किया है।

कमलनाथ उस समय मंदिर में गए थे, जब देश और दुनिया में मंदिर भवन और केदारेश्वर के क्षतिग्रस्त होने की अफवाह फैली हुई थी। हरीश ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार जब पुनर्निर्माण के काम में लगी थी, तब भाजपा के लोग सार्वजनिक बयान दे रहे थे कि उत्तराखंड जो आ रहे हैं, वह सिर पर कफन बांध कर आएं। 

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उस वक्त मानवता का धर्म निभाया, मैं आत्मसंतुष्ट हूं

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी भाजपा के आरोप पर कड़ा पलटवार किया है। उनका कहना है कि 2013 की आपदा में जो कुछ भी उन्होंने किया, उससे उन्हें आत्मसंतुष्टि है। उनका मानना है कि उस क्षण उन्होंने मानवता को ही अपना धर्म समझा और इसे बखूबी निभाया भी।

गोदियाल ने कहा कि जिस वक्त 2013 की आपदा आई, उस वक्त वह पहले व्यक्ति थे, जो केदारनाथ धाम गए थे। कहा कि चारों तरफ पसरी हुईं लाशों के बीच उन्होंने लगभग 28 अधमरे लोगों को रेस्क्यू कर उपचार के लिए भिजवाया। इतना ही नहीं बेल पत्री और दो अगरबत्तीयों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ करने वाले भी वही पहले व्यक्ति थे।

गोदियाल के अनुसार वह मंदिर प्रांगण में बहुत ही असमान्य परिस्थितियों में गए, जब मंदिर का शुद्धिकरण तक नहीं हुआ था और चारों तरफ प्राकृतिक प्रलय की वजह से बहुत ही विभत्स दृश्य था। गोदियाल ने दावे से कहा कि उस वक्त जो मंजर वहां था, ऐसे में उनकी जगह पर कोई भी और व्यक्ति होता तो उसकी प्राथमिकता भी सिर्फ मानव जीवन बचाने की होती।
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पीएम मोदी की केदारनाथ यात्रा के बाद बौखला गए हैं हरीश रावत : अजेंद्र

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लगातार आरोपों के बाद भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने एक बार फिर पलटवार किया है। रविवार को रावत ने अजेंद्र द्वारा किए गए पलटवार का ट्वीटर पर जवाब दिया, तो अजेंद्र ने शृंखलाबद्ध ट्वीट कर कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। 

अजेंद्र ने ट्वीटर पर पूर्व सीएम हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के केदारनाथ भ्रमण के बाद वह बौखला गए हैं। रावत को नहीं दिख रहा है, लेकिन पूरा प्रदेश देख रहा है कि मोदी के अथक प्रयासों के चलते आपदा में बुरी तरह से ध्वस्त हुई केदारपुरी एक नया स्वरूप ले चुकी है। मगर रावत की आंखों में राजनीति का मोतिया बिंद है।

मोदी के प्रयासों के चलते आज केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अजेंद्र ने हरीश को ट्वीटर पर जवाब देते हुए लिखा- आदरणीय हरीश रावत जी, मुझे दुख है कि बाबा केदार के मंदिर के गर्भगृह में गणेश गोदियाल का जूते पहनकर जाना आपके लिए एक ‘आह’ मात्र ही है, आप हिंदुओं की आस्था से जुड़े मुद्दे को इतना हल्के में ले रहे हैं। भारत के हिंदू जनमानस पर ऐसा कुठाराघात माफी योग्य नहीं है।

अजेंद्र ने आपदा के बाद गोदियाल की ओर से केदारनाथ मंदिर के भीतर एक टीवी चैनल के साथ बातचीत का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- मेरा हरीश रावत से आग्रह है कि इस वीडियो को बार-बार देखें, हजार बार देखें। इसमें उनको केवल अपनी पार्टी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल दिखेंगे। जूते पहन कर बाबा केदार के गर्भगृह में- कहीं लाशें नहीं दिखेंगी- प्रत्यक्ष प्रमाण के होते भी ऐसा झूठ।
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