प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी भाजपा के आरोप पर कड़ा पलटवार किया है। उनका कहना है कि 2013 की आपदा में जो कुछ भी उन्होंने किया, उससे उन्हें आत्मसंतुष्टि है। उनका मानना है कि उस क्षण उन्होंने मानवता को ही अपना धर्म समझा और इसे बखूबी निभाया भी।
गोदियाल ने कहा कि जिस वक्त 2013 की आपदा आई, उस वक्त वह पहले व्यक्ति थे, जो केदारनाथ धाम गए थे। कहा कि चारों तरफ पसरी हुईं लाशों के बीच उन्होंने लगभग 28 अधमरे लोगों को रेस्क्यू कर उपचार के लिए भिजवाया। इतना ही नहीं बेल पत्री और दो अगरबत्तीयों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ करने वाले भी वही पहले व्यक्ति थे।
गोदियाल के अनुसार वह मंदिर प्रांगण में बहुत ही असमान्य परिस्थितियों में गए, जब मंदिर का शुद्धिकरण तक नहीं हुआ था और चारों तरफ प्राकृतिक प्रलय की वजह से बहुत ही विभत्स दृश्य था। गोदियाल ने दावे से कहा कि उस वक्त जो मंजर वहां था, ऐसे में उनकी जगह पर कोई भी और व्यक्ति होता तो उसकी प्राथमिकता भी सिर्फ मानव जीवन बचाने की होती।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लगातार आरोपों के बाद भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने एक बार फिर पलटवार किया है। रविवार को रावत ने अजेंद्र द्वारा किए गए पलटवार का ट्वीटर पर जवाब दिया, तो अजेंद्र ने शृंखलाबद्ध ट्वीट कर कांग्रेस पर कई आरोप लगाए।
अजेंद्र ने ट्वीटर पर पूर्व सीएम हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के केदारनाथ भ्रमण के बाद वह बौखला गए हैं। रावत को नहीं दिख रहा है, लेकिन पूरा प्रदेश देख रहा है कि मोदी के अथक प्रयासों के चलते आपदा में बुरी तरह से ध्वस्त हुई केदारपुरी एक नया स्वरूप ले चुकी है। मगर रावत की आंखों में राजनीति का मोतिया बिंद है।
मोदी के प्रयासों के चलते आज केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अजेंद्र ने हरीश को ट्वीटर पर जवाब देते हुए लिखा- आदरणीय हरीश रावत जी, मुझे दुख है कि बाबा केदार के मंदिर के गर्भगृह में गणेश गोदियाल का जूते पहनकर जाना आपके लिए एक ‘आह’ मात्र ही है, आप हिंदुओं की आस्था से जुड़े मुद्दे को इतना हल्के में ले रहे हैं। भारत के हिंदू जनमानस पर ऐसा कुठाराघात माफी योग्य नहीं है।
अजेंद्र ने आपदा के बाद गोदियाल की ओर से केदारनाथ मंदिर के भीतर एक टीवी चैनल के साथ बातचीत का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- मेरा हरीश रावत से आग्रह है कि इस वीडियो को बार-बार देखें, हजार बार देखें। इसमें उनको केवल अपनी पार्टी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल दिखेंगे। जूते पहन कर बाबा केदार के गर्भगृह में- कहीं लाशें नहीं दिखेंगी- प्रत्यक्ष प्रमाण के होते भी ऐसा झूठ।