देहरादून के अस्पतालों में डेंगू रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्लेटलेट्स का स्टॉक घट रहा है।
दून अस्पताल में सिर्फ दो दिन का स्टॉक बचा है। इस वक्त शहर में 50 से अधिक डेंगू रोगियों का इलाज चल रहा है। जिस तेजी से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है, उस लिहाज से रक्तदाता नहीं आ रहे। बाहर से आने वाले रोगियों के पास ब्लड रिप्लेसमेंट के लिए रक्तदाता नहीं हैं।
प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी
शुक्रवार को दून अस्पताल में डेंगू के 13 रोगी भरती थे। जो रोगी भरती हो रहे हैं, उनका प्लेटलेट्स काउंट कम रहता है। उन्हें फौरन प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ती है। इससे प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है।
दून अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके नौटियाल ने बताया कि प्लेटलेट्स फ्रेश ब्लड से बनती हैं। इसके लिए तुरंत ब्लड मिलना चाहिए। रक्तदान शिविरों में मिले ब्लड से उन्होंने प्लेटलेट्स बना ली थीं, उसी से काम चल रहा है।
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डेंगू के 13 रोगी महंत इंदिरेश हॉस्पिटल में भरती हैं। रोगी अलग-अलग क्षेत्रों के हैं। यहां डेंगू रोगियों को पैथोलोजिकल जांचों में छूट दी जा रही है। सीएमआई और दूसरे नर्सिंगहोमों में मरीजों का इलाज चल रहा है। सबसे अधिक रोगी हरिद्वार के हैं। दून अस्पताल में ही नौ रोगी हरिद्वार से आए हैं। इसके अलावा देहरादून में भी रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
सिनर्जी अस्पताल में अजबपुर निवासी जयकृत नेगी, विजय पार्क की प्रियंका, ईसी रोड के इंद्रजीत, महाबुद्ध विहार के ओजियान और गोविंदगढ़ के राजेश इलाज करा रहे हैं। इन्हें डा. नीरज के अंडर में भरती किया गया है।
विधायक के बेटे का प्लेटलेट्स काउंट घटा
कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त विधायक फुरकान अहमद के बेटे जुनैद अहमद (22) डेंगू हो गया है। रोगी को गंभीर हालत में दून अस्पताल में भर्ती किया गया। डेंगू वार्ड, आईसीयू और प्राइवेट वार्ड फुल होने के कारण रोगी पेइंग वार्ड में रखा गया है।
रोगी का प्लेटलेट्स काउंट घट कर डेढ़ लाख के स्थान पर इक्कीस हजार हो गया है। जुनैद को गुरुवार देर रात दून अस्पताल इमरजेंसी लाया गया। शुरुआती जांच के बाद उसे पेइंग वार्ड में भर्ती किया गया है।
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