कभी राष्ट्रीय दलों से अलग होकर तो कभी उनसे गलबहियां करके चुनाव लड़ता रहा। कभी आपसी फूट के चलते दल बिखरता चला गया। आज दल की स्थिति यह है कि प्रदेश में 70 में से उनका एक भी विधायक नहीं है।
अब उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने रुड़की के रहने वाले शेर सिंह राणा की राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी से हाथ मिलाने का निर्णय लिया। शेर सिंह राणा ने इसकी पुष्टि की। शेर सिंह राणा का कहना है कि राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली में संगठनात्मक रूप से सक्रिय है।
बकौल शेर सिंह राणा उनकी पार्टी ने पिछले दिनों हरियाणा में संपन्न हुए विधानसभा के चुनाव में 12 सीटों पर अपने प्रत्याशी भी लड़ाए थे। पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भाजपा को एक तरफा बहुमत लाने से रोक दिया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड क्रांति दल से उनका तालमेल हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेतृत्व से उनकी बातचीत हो चुकी है और जल्दी ही इसकी आधिकारिक घोषणा भी होने वाली है। उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष राकेश राजपूत ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्रीय आधार पर एक मजबूत गठबंधन दोनों पार्टियां उत्तराखंड के विकास के लिए काम करेंगी।