तकरीबन डेढ़ सौ डिपो से पहाड़ के लिए दवाओं की सप्लाई हो रही थी, जो अब ठप है। ढाई सौ के लगभग थोक विक्रेता हैं, जिनमें से तकरीबन 65 का कारोबार पहाड़ की सप्लाई पर आधारित था। कारोबार मंदा पड़ने से 50 करोड़ से भी अधिक की चपत लगी है।
कई जगह संपर्क मार्ग कट गए थे, जो दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। जबकि कई जगह कारोबारियों का पार्टियों तक से संपर्क नहीं हो पा रहा। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी समेत पौड़ी जिलों में सप्लाई का यही हाल है।
ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार के साथ बड़ा केंद्र
ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार के साथ दून पहाड़ में दवाओं की सप्लाई का बड़ा केंद्र है। न केवल दवाएं बल्कि सर्जिकल उपकरण भी सप्लाई होते हैं।
आपदा ने शहर के कारोबारियों की कमर तोड़कर रख दी है। सप्लाई ठप हो गई है। हालात से उबरने को व्यवस्था दुरुस्त होने का इंतजार है।
- नीरज, अध्यक्ष-फार्मा सीएंडएफ डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन