क्षेत्र पंचायत चकराता की बैठक ब्लॉक प्रमुख निधि राणा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा काटा। लोक निर्माण विभाग खंड सहिया, एनएच खंड डोईवाला, सिंचाई, मत्स्य विभाग, उरेडा के अधिकारियों के बैठक से अनुपस्थित रहने पर विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, कृषि, शिक्षा, बाल विकास, आपदा से संबंधित मुद्दे छाए रहे। क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम पंवार ने कहा की जिला पंचायत द्वारा 2021 से गांव में होने वाले छोटे निर्माण का नक्शा पास कराने की अनिवार्यता लागू कर दी है। सिर्फ होटलों और बड़े व्यवसायिक निर्माण के लिए ही यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए। प्रस्ताव का पूरे सदन ने समर्थन किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य सौरभ राणा ने कहा कि विगत दिनों क्षेत्र में आई आपदा में लोगों को भारी नुकसान हुआ है लेकिन मुआवजे के नाम पर महज हजार रुपये के चेक वितरित किए जा रहे हैं, जो कि आपदा प्रभावितों से मजाक है। ग्राम पंचायत क्वानू के प्रधान दिलीप सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि चकराता क्षेत्र में विद्यालयों में शिक्षक बारी-बारी से स्कूल आते है। अभिभावकों व प्रधान आदि से बात तक नहीं करते हैं। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी पर भी चकराता कार्यालय से अक्सर गायब रहने का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा काटा। प्रधान चातरा हरीश राजगुरु और क्षेत्र पंचायत कूणा विक्रम पंवार ने कृषि विभाग के अधिकारियों के चकराता के बदले कालसी से कार्यालय संचालन का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। प्रधान संगठन के महासचिव हरीश राजगुरु ने कहा कि त्यूनी-मोरी मार्ग पर क्षेत्रवासियों के आस्था के प्रतीक हनोल मंदिर के समीप डेंजर जोन बना हुआ है। कई बार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन स्थिति जस की तस है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बजट न होने की बात कहते हुए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाथ ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण करना है। संचालक सहायक विकासखंड अधिकारी डीपी चमोली ने किया। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी शक्ति प्रसाद भट्ट, ज्येष्ठ उप प्रमुख विजय पाल सिंह, कनिष्ठ प्रमुख शमशेर सिंह चौहान, एडीओ पंचायत राजेश नेगी, नायब तहसीलदार केडी जोशी, बीईओ पूजा नेगी दानू, यूपीसीएल के एसडीओ अशोक आदि मौजूद रहे।
अन्य समस्याएं
- पुरोड़ी-रावना-डामठा मोटर मार्ग पर हर साल पैचवर्क होता है, जो एक माह में उखड़ जाता है
- आंगनबाड़ी केद्रंों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सही नहीं, नहीं होती जांच