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Dehradun News: बावर रेंज से सटे आधा दर्जन गांवों में गुलदार का आतंक

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चकराता वन प्रभाग अंतर्गत बावर रेंज से सटे गांवों में बीते तीन माह से मादा गुलदार का आतंक बना हुआ है। मादा गुलदार अब तक आठ मवेशियों का शिकार कर चुकी है। गुलदार आए दिन किसी न किसी गांव में दिखाई दे रही है, जिससे ग्रामीण घबराए हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे के साथ ही मादा गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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गुलदार अब तक डिमिच गांव निवासी चतरु के दो बैल, चिल्हाड़ निवासी जयपाल बिजल्वाण की चार बकरियां, कानचंद की एक गाय, सुनीर गांव निवासी जगत की एक गाय को मार चुकी है। रेंज से सटे सुनीर, दारागाड़, चिल्हाड़, सिलावड़ा, चांजोई, डिमिच, पुनवा, डुंगरी आदि गांवों में गुलदार तीन शावकों के साथ आए दिन दिखाई दे रही है। कृपाराम बिजल्वाण, राजेंद्र बिजल्वाण, केसवादनंद बिजल्वाण आदि का कहना है कि गुलदार के मूवमेंट से ग्रामीण डरे हुए हैं। गुलदार आए दिन छानियों के निकट पशुओं का शिकार कर रही है। शाम ढलते ही मादा गुलदार गांव के आसपास दिखाई देती है। कहा कि गुलदार से बच्चों और महिलाओं को भी खतरा बना हुआ है। इस संबंध में वन विभाग को भी जानकारी दे दी गई है।
बावर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुधीर भट्ट ने बताया कि ग्रामीणों की मुआवजे की फाइल तैयार की जा रही है। विभागीय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुलदार के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने और शावकों के चलते मादा गुलदार निचले इलाकों में आ गई है। हांका लगाकर और पटाखे छोड़कर मादा गुलदार को जंगल में खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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रेंज अधिकारी को क्षेत्र गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी अपील की गई है, कि सतर्क रहें। विशेष तौर से अकेले जंगल में न जाएं तथा गुलदार के किसी भी मूवमेंट को देखते ही तुरंत वन कर्मियों को सूचित करें। गुलदार द्वारा मारे गए पशुओं का नियम अनुसार संबंधित पशुपालकों को मुआवजा दिया जाएगा। - मुकुल कुमार, उप प्रभागीय वन अधिकारी, चकराता
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