रुड़की में एक दंपत्ति पर पेंशन पाने को लेकर ऐसा लालच सवार हुआ कि उसने खुद को उम्र से पहले ही बूढ़ा बना लिया। 60 वर्ष की उम्र्र में मिलने वाली वृद्धा पेंशन पत्नी ने 16 वर्ष पहले ही लेनी शुरू कर दी, तो पति भी पीछे नहीं रहा उसने भी 11 वर्ष पहले पेंशन का लाभ लेना शुरू कर दिया।
यही नहीं लगातार पांच वर्षों तक पेंशन लाभ लेते रहे। जब मामले की शिकायत हुई तो अधिकारी हरकत में आए और पांच वर्षों से दी जा रही वृद्धा पेंशन पर रोक लगा दी। अब अधिकारी रिकवरी में जुट गए हैं।
विकास खंड क्षेत्र के तेलपुरा उर्फ फतेहउल्लाहपुर निवासी मोबीन हसन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से वर्ष 2013 के दिसंबर माह में शिकायत की थी। आरोप था कि गांव के ही एक दंपति ने फर्जी तरीके से वृद्धा पेंशन लगवा ली है। जबकि दोनों की उम्र 60 वर्ष से बहुत कम है।
जांच में पाया गया कि वर्तमान में ही रमजान की उम्र 54 वर्ष है वहीं पत्नी लतीफन 49 वर्ष की है और जब पांच वर्ष पहले जब पेंशन मिलनी शुरू हुई उस समय रमजान महज 49 तो लतीफन 44 वर्ष रही थी। बावजूद दोनों वृद्धा पेंशन का लाभ ले रहे थे।
पांच साल से ले रहे थे पेंशन
समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धा पेंशन के रूप में प्रत्येक माह 400 रुपये दिए जाते हैं। अगर पूरे पांच वर्ष की बात करें तो रमजान और लतीफन ने पांच वर्षों यानी 60 माह में 24 हजार-24 हजार रुपये पेंशन के नाम पर ले लिए। ऐसे में दंपति ने पूरे पांच वर्ष में 48 हजार रुपये सरकारी धन फर्जी ढंग से हजम कर लिया।
सत्यापन में भी नहीं पकड़ा मामला
वर्ष 2013 में जनवरी माह में समाज कल्याण विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर विभाग से मिल रही पेंशनों का सत्यापन किया गया था। इसके लिए फर्जी पेंशन और मृत पेंशन धारकों की सहायता राशि रोकने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करने के साथ दोबारा सभी दस्तावेज व उनके फोटो लिए गए थे। इस सत्यापन अभियान के दौरान भी फर्जी पेंशन का यह मामला पकड़ में नहीं आ सका।
परिवार रजिस्टर ने खोली पोल
जांच के दौरान परिवार रजिस्टर की नकल ने फर्जी पेंशन की पोल खोली है। जांच अधिकारी ने जब गांव में जाकर परिवार रजिस्टर की नकल को देखा तो उसमें दोनों की उम्र तिथि के अनुसार आयु 60 वर्ष से बहुत कम पाई गई। रजिस्टर में रमजान की जन्म तिथि एक जनवरी 1960 तो लतीफन की एक जनवरी 1965 लिखी मिली।
20 से अधिक मामले जांच के दायरे में
भले ही दंपति द्वारा फर्जी पेंशन लेने का एक मामला पकड़ में आया हो, लेकिन बताया जा रहा है कि अब भी कई गांव के 20 से अधिक फर्जी पेंशन के मामले जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों की माने तो फर्जी पेंशन की शिकायत पर जांच चल रही है। ऐसे में कई आने वाले दिनों में और भी फर्जी पेंशन के कई मामले में सामने आ सकते हैं।
जांच पड़ताल के दौरान रमजान और लतीफन की उम्र बहुत कम पाई गई है। जिससे दोनों की अग्रिम पेंशन रोक दी गई है। दोनों को मिली पेंशन के रूप में मिली सरकारी सहायता राशि की रिकवरी भी की जाएगी।
-सोमप्रकाश, एडीओ समाज कल्याण, भगवानपुर।
फर्जी पेंशन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। किसी भी सूरत में फर्जी पेंशन जारी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए समस्त एडीओ को कहा गया है कि वह अपने स्तर पूरी जांच पड़ताल करने के बाद ही पेंशन का आवेदन स्वीकृति के लिए जिला मुख्यालय भेजें।
-अनिल सैनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हरिद्वार।