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पठानकोट बम ब्लास्ट: युवाओं को गुमराह कर विस्फोटक उपलब्ध कराता है सुखप्रीत, लाहौर से जुड़ रहे धमाकों के तार

Sun, 23 Jan 2022 12:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal कीर्तिराज रुमाल, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रपुर

सार

90 के दशक में अविभाजित यूपी के समय तराई में खालिस्तानी आतंकी देखे गए थे। वर्ष 1984 में  पंजाब से भागकर आए कुछ आतंकियों के बाजपुर, सितारगंज व खटीमा के जंगलों में छुपे रहने की घटनाएं सामने आई थीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में छुपे रहे पंजाब बम धमाकों के फरार आरोपी सुखप्रीत उर्फ सुख का संपर्क खालिस्तान टाइगर फोर्स से होने के साथ ही उसका नेटवर्क पाकिस्तान के लाहौर शहर तक फैले होने की आशंका है। एसटीएफ इसकी जांच कर रही है।

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90 के दशक में अविभाजित यूपी के समय तराई में खालिस्तानी आतंकी देखे गए थे। वर्ष 1984 में  पंजाब से भागकर आए कुछ आतंकियों के बाजपुर, सितारगंज व खटीमा के जंगलों में छुपे रहने की घटनाएं सामने आई थीं। तराई में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उस समय दूसरों राज्यों से पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भेजे गए थे। शनिवार को एसटीएफ ने आतंकी गतिविधियों में शामिल चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद तराई को एक फिर अशांत करने के प्रयास को असफल कर दिया।

एसटीएफ और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार आतंकी सुखप्रीत के खालिस्तान टाइगर फोर्स के साथ ही लाहौर शहर में रह रहे लखबीर सिंह रोड़े से भी संपर्क के संकेत मिले हैं। रोड़े के वर्तमान में लाहौर में होने की आशंका है। अधिकारियों को आशंका है कि सुखप्रीत को पाकिस्तान से विस्फोटक सामग्री मिल रही है, लेकिन वह स्वयं बम धमाके करने के बजाय युवाओं को गुमराह कर विस्फोटक उपलब्ध कराकर धमाके करवाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई नए खुलासे हो सकते हैं।
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पठानकोट बम ब्लास्ट: रुद्रपुर में चार दिन तक छिपा रहा आतंकी सुखप्रीत, शरण देने वाले लोग उत्तराखंड के गिरफ्तार

फरार आतंकी सुखप्रीत के संपर्क पाकिस्तान के लाहौर में रह रहे लखबीर सिंह रोडे से भी होने की आशंका है। इसकी जांच की जा रही है। सुखप्रीत को शरण देने के आरोपियों को पंजाब पुलिस पूछताछ और शमशेर सिंह को विधिक रूप से बम धमाके के मामले में पंजाब ले जा सकती है।
-अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ

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शेरा और हैप्पी के ढाबे में ढिल्लो परोसता है खाना

बम धमाकों के साजिशकर्ता सुखप्रीत को शरण देने वाले शमशेर सिंह उर्फ शेरा और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी केलाखेड़ा में ढाबा चलाते हैं, जबकि गुरपाल सिंह ढिल्लो उर्फ गुरी उनके ढाबे में लोगों को खाना परोसता है। वहीं अजमेर सिंह उर्फ लाडी केलाखेड़ा में ही रहकर किसानी करता है।

एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि आतंकी साजिशकर्ता सुखप्रीत उर्फ सुख के नेतृत्व में पनाह देने वाले चारों आरोपी बाजपुर केलाखेड़ा से खालिस्तान मुहिम को बढ़ावा देने की साजिश कर रहे थे। चारों लोग मिलकर अन्य लोगों को भी देश के खिलाफ भड़काने के प्रयासों में थे। आरोपियों को इंटरनेट के माध्यम से विदेश से संचालित किया जा रहा था।

सीओ पंतनगर अमित कुमार ने बताया कि शमशेर सिंह और हरप्रीत सिंह सगे भाई हैं। वे रामनगर गांव थाना केलाखेड़ा में ढाबा संचालित करते हैं, जबकि गुरपाल सिंह उनके ढाबे में काम करता है। बताया कि अजमेर सिंह ग्राम बैतखेड़ी थाना बाजपुर में ही खेती किसानी करता है।
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