करीब दो घंटे तक चली परेड में कैडेट्स ने चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे सैन्य अधिकारियों, प्रशिक्षकों और जूनियर कैडेट्स को गद्गद किया। परेड के दौरान कैडेट्स जोश और जज्बे से भरपूर दिखे। मार्कर कॉल के बाद परेड कमांडरों की टुकड़ी ने जैसे ही ड्रिल स्क्वॉयर पर कदम रखे तो दर्शक दीर्घा में बैठे जूनियर कैडेट्स ने उनका उत्साह बढ़ाया। परेड कमांडर के नेतृत्व में भारत माता तेरी कसम...गीत की धुन पर कैडेट्स ने कदम से कदम मिलाकर सभी का ध्यान खींचा।
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इस अवसर पर कमांडेंट ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट्स को रिहर्सल के तौर पर सोर्ड ऑफ ऑनर, गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल देकर सम्मानित किया। एक दिन बाद पासआउट हो रहे जेंटलमैन कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बतौर सैन्य अधिकारी सेना में शामिल होने जा रहे कैडेट्स को सैन्य परंपराओं का निर्वहन कर आगे बढ़ना होगा। सेना की प्रतिष्ठा अब उनके कंधों पर है। उच्च आदर्श और उत्कृष्टता युवा अफसरों के कार्यों में प्रतिबिंबित होने चाहिए। मित्र देशों के कैडेट्स को उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण में सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए बधाई दी। उम्मीद जताई कि वे आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण के यादगार लम्हों को समेटकर अपने साथ ले जाएंगे। यह मौजूदा परिप्रेक्ष्य में वैश्विक स्तर पर दोस्ताना माहौल के लिए जरूरी भी है।