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दो दिन बाद हारी प्रत्याशी को मिला ताज

Tue, 01 Jul 2014 12:02 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून की चंद्रबनी जिला पंचायत सीट का परिणाम दो दिन बाद बदल गया। पहले विजयी घोषित भाजपा की रजनी थपलियाल को हारा हुआ बताकर हारी प्रत्याशी कल्पेश्वरी देवली को विजयी घोषित किया गया।
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जिला निर्वाचन कार्यालय ने देवली को सर्टिफिकेट भी सौंप दिया। इस पर रजनी और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

42 मतों से विजयी हुई रजनी
शनिवार को मतगणना के दौरान रिटर्निंग आफिसर ने चंद्रबनी सीट पर भाजपा प्रत्याशी रजनी थपलियाल को 42 मतों से विजयी करार दिया था।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी रजनी को विजेता दिखाया गया। रजनी को कुल 2596 और उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी देवेश्वरी देवली (पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष और माकपा नेता शिवप्रसाद देवली की पत्नी) को 2555 मत बताए गए थे।

रविवार को देवली ने डीएम चंद्रेश कुमार से मुलाकात की और मतों का टोटल गलत होने की शिकायत की। डीएम ने दोबारा गणना का निर्देश दे दिया। सोमवार को दोबारा गणना में देवेश्वरी 18 वोट से जीत गईं।
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जानकारी मिलते ही रजनी थपलियाल पक्ष के लोग भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने एडीएम सोनिका का घेराव कर उन्हें कार में नहीं बैठने दिया। चुनाव में धांधली का आरोप लगाया गया।

दोबारा चुनाव की मांग की गई। एडीएम सोनिका ने रजनी और समर्थकों से पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की। देर शाम देवली को जीत का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

रजनी थपलियाल की तरफ से भाजपा विधायक सहदेव पुंडीर, पछवादून जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह राघव, खेमचंद गुप्ता, सुखदेव बुटोला प्रदर्शन करने वालों में शामिल थे।

जबकि दूसरे पक्ष से सीपीएम नेता एसएस सजवाण, शिव प्रसाद देवली, कमरुद्दीन, अनंत आकाश, शार्दुल पंवार, राजेंद्र पुरोहित, रजनी जोशी, गगन गर्ग, इंदु नौडियाल जिलाधिकारी कार्यालय पर डटे रहे।

प्रधान प्रत्याशी ने लगाया धांधली का आरोप
मेहूंवाला माफी गांव में प्रधान प्रत्याशी ऊषा देवी ने भी चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है।

एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि मतगणना के दौरान 120 मतपत्रों पर अंगूठे के निशान पाए गए, जिन्हें अस्वीकृत कर दिया गया था।

लेकिन ये निशान सिर्फ उनके चुनाव चिह्न के आगे लगाए गए थे। जबकि इन्हीं मतपत्रों पर वार्ड मेंबर, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के चिह्नों के आगे वोट का ठप्पा लगा था।
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कहा कि इससे साफ है कि जानबूझकर उनके वोट खराब किए गए।
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