पाकिस्तान में जन्मी फरीदा मलिक ने 1992 में यूएसए की नागरिकता ली थी। कई भाषाओं को जानने वाली यह महिला तेजतर्रार है। तमाम प्रयासों के बावजूद खुफिया एजेंसी पासपोर्ट और वीजा के बगैर इस महिला के भारत आने का मकसद पता नहीं कर सकी थी।
पिछले साल दिसंबर में फरीदा को नैनीताल उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। तब मामले का निस्तारण न होने से फरीदा को देश से बाहर न जाने की शर्त भी लगाई गई थी। अल्मोड़ा जेल से रिहा होने के बाद से जिले का खुफिया विभाग सतर्क था। फरीदा के लोहाघाट हवालात पहुंचने पर हिफाजत बढ़ा दी गई है। फरीदा को जल्द ही अल्मोड़ा जेल भेजा जाएगा।