देहरादून। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद नई दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत दूसरे राज्यों के बस और टैक्सी संचालक वाहनों को लेकर उत्तराखंड पहुंचने लगे हैं। इनका स्थानीय बस और टैक्सी संचालक विरोध कर रहे हैं। आरटीओ के अनुसार दूसरे राज्यों से आने वाले व्यावसायिक व सार्वजनिक वाहन ट्रिप कार्ड के बगैर नहीं जा सकते हैं।
बता दें, चारधाम यात्रा में हर साल दूसरे राज्यों के बस और टैक्सी संचालकों के वाहन हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचते हैं। इसके बाद बिना परमिट यात्रियों को लेकर चारधाम यात्रा पर भी चले जाते हैं। इस बार यात्रा शुरू होने पर दूसरे राज्यों के बस और टैक्सी संचालकों के वाहनों का स्थानीय संचालक विरोध कर रहे हैं। हालांकि आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी दूसरे राज्यों से आने वाली बसों व टैक्सियों की कड़ी निगरानी का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए ट्रिप कार्ड की व्यवस्था लागू की गई है। यात्रा पर जितने भी सार्वजनिक व व्यावसायिक वाहन जाएंगे उन्हें हर बार ट्रिप कार्ड बनवाना होगा। ऐसे में दूसरे राज्यों की गाड़ियों का ऋषिकेश और हरिद्वार से चारधाम यात्रा पर अनधिकृत संचालन संभव नहीं है।
वाहनों की फिटनेस व ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए मारामारी
चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से आरटीओ में वाहनों के ग्रीन कार्ड बनवाने और फिटनेस जांच के लिए मारामारी शुरू हो गई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में बस और टैक्सी संचालक आरटीओ में पहुंचे। वाहनों की फिटनेस जांच के लिए आशारोड़ी चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े थ। आरटीओ डीसी पठोई ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों की फिटनेस जांच व ग्रीन कार्ड तेजी से जारी करने के दिशा-निर्देश दिए हैं।