दून से 2:30 बजे जुड़े तो जर्मनी में 11 बजे शुरू हुई पूजा
भारत और जर्मनी के समय में काफी अंतर है। इसे लेकर आयोजकों और पंडित पहले ही बात कर चुके थे। पंडित अतुल शर्मा दून से 2:30 बजे ऑनलाइन जुड़े तो वहां 11 बज रहे थे। 11 बजे ही पूजा शुरू हुई जो दोपहर 12:30 बजे तक चली।
विदेशी नागरिक भी हुए शामिल, ऑनलाइन जुड़े परिवार के लोग
जर्मनी में हुई सत्यनारायण की कथा में करन और अंकिता गुप्ता के साथ उनके आसपास रहने वाले विदेशी नागरिक भी शामिल हुए। करन ने बताया कि विदेशी नागरिकों को हमारी संस्कृति की हर एक चीज काफी पसंद है। कथा में भी एकजुटता और पूजा कराने का हर विधान उन्हें खूब पसंद आया। इसके साथ ही कथा में करन और अंकिता के परिवार के लोग भी ऑनलाइन जुड़े।
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विदेश की धरती से विश्व कल्याण की गूंज
कथा में दून से जुड़े पंडित अतुल ने ऑनलाइन आरती कराई। आरती के बाद जयकारे लगवाए। इसी दौरान पंडित ने दून से विश्व का कल्याण हो का जयकारा लगवाया तो विदेश के लोगों ने भी जयकारा लगाया।