देहरादून। फ्लैट खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लेकर बिल्डर को दे दिया। जब फ्लैट पर कब्जे की बारी आई तो बिल्डर ने इनकार कर दिया। मामले में पीड़ित की शिकायत पर बिल्डर की कंपनी और कर्मचारियों समेत एक निजी बैंक के कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसओ राजपुर मोहन सिंह ने कार्रवाई की जानकार दी है। उन्होंने बताया कि शिवानी डिमरी निवासी साईं लोक जीएमएस रोड ने शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर एसए बिल्डेक के मालिक प्रेम दत्त शर्मा, कर्मचारी गौरव आहूजा, आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारी तसलीम आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिवानी ने मालसी मसूरी रोड पर बन रहे फ्लैट्स आरटीगो रेजीडेंसी में फ्लैट एक फ्लैट लेने के लिए लिए वर्ष 2013 में सौदा किया था। प्रेमदत्त शर्मा के कहने पर किश्तों में 43 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद प्रेमदत्त शर्मा ने उनसे कहा कि आर्थिक तंगी की वजह से सौदा किया गया फ्लैट नहीं बेच रहे हैं।
इसके बदले दूसरा फ्लैट देने की बात कही। तय हुआ था कि, दूसरे फ्लैट बकाया शेष धनराशि 10.50 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय अदा कर देना। जून 2017 के बाद फ्लैट के कब्जा देने में कोई देरी होगी तो 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। आरोप है कि, साल 2017 में प्रेमदत्त शर्मा ने कहा कि, फ्लैट के आठवें तल पर एक पेंट हाउस पर आईसीआईसीआई बैंक से ऋण स्वीकृत कराकर पैसा मांगा। इसमें से मुनाफे के आठ लाख रुपये देने को कहा गया।
प्रेमदत्त शर्मा ने बैंक से ऋण स्वीकृत कराने की समस्त औपचारिकतायें की। कर्मचारी गौरव आहूजा और बैंक कर्मचारी तस्लीम ने समस्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराये। आरोप है कि कर्मचारी प्रेमदत्त शर्मा के साथ आपस में मिले हुए थे। एक करोड़ नौ लाख का ऋण प्रेमदत्त शर्मा/मैसर्स एसए बिल्टेक को अदा कर दिए। आरोप है कि प्रेमदत्त शर्मा ने ऋण के एक करोड़ नौ लाख रुपये हड़प लिए और फ्लैट के लिए 43 लाख रुपये व जून 2017 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह, अदा नहीं किए गए। अब पैसे वापस मांग रहे हैं तो उनके साथ गाली गलौच की जा रही है। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।