दून के एक व्यक्ति में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 की पुष्टि हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। यह ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट है और मल्टीपल म्यूटेशन के बाद बना है। यही वजह है कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से यह घातक नहीं है।
दून अस्पताल के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणजीत सिंह ने बताया कि जेएन.1 वैरिएंट पॉजिटिव मरीज केवल एक सप्ताह में ठीक हो रहे हैं। उन्हीं मरीजों को समस्या हो रही है जिनको अन्य बीमारियां हैं या इम्यून सिस्टम कमजोर है।
जेएन.1 के मरीजों को खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या हो रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत ने बताया कि शुक्रवार को जिले में कोविड जांच के लिए 42 नमूने लिए गए। सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।