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समाज कल्याण विभाग के झूठ की खुली पोल

Wed, 20 Aug 2014 10:48 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड की कमान संभालने के तुरंत बाद जिस दिगंबरी देवी की वृद्धावस्था पेंशन शुरू करवाई थी, समाज कल्याण विभाग के लापरवाह अफसरों ने उनका खाता नंबर ही खो दिया।
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पेंशन को लेकर झूठ बोलते रहे विभागीय अधिकारी
खास बात यह रही कि सोमवार तक भी विभागीय अधिकारी झूठ बोलते रहे कि दिगंबरी के खाते में तीन माह की पेंशन डाल दी गई है।

शासन ने जानकारी मांगी, तब जाकर अफसरों ने खाता नंबर मालूम किया और मंगलवार को रकम जमा की गई।

अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘सीएम साहब आएंगे, पेंशन लाएंगे...’ में खुलासा किया था कि श्रीदेव सुमननगर निवासी दिगंबरी देवी को सिर्फ एक बार पेंशन मिली है। इसके बाद पांच माह से उनके खाते में रकम जमा नहीं हुई है।

यह हाल तब है, जब खुद सीएम ने दिगंबरी से मुलाकात कर पेंशन शुरू करवाई थी। सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी रामअवतार सिंह ने दावा किया था कि तीन माह की पेंशन दिगंबरी के खाते में जमा कराई जा चुकी है।
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खबर प्रकाशित होने के बाद शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय अधिकारियों को दिगंबरी देवी का खाता नंबर नहीं मिला।

इसके बाद सुबह करीब दस बजे अधिकारियों ने क्षेत्र की पार्षद बीना बिष्ट को फोन कर खाता नंबर पूछा और तीन महीने की पेंशन 2400 रुपये जमा करा दिए।

दिगंबरी देवी का खाता पीएनबी आईएमए शाखा में है। अमर उजाला ने दोपहर 12:45 बजे संबंधित शाखा में जानकारी ली तो प्रबंधक सुभाष चंद्र मझखोला ने बताया कि मंगलवार को दिंगबरी देवी के खाते में 2400 रुपए का चेक बैंक ईसी रोड शाखा से जमा किया गया है।

इससे पहले 6 फरवरी को 1600 रुपए जमा किए गए थे। इसके बाद पार्षद बीना बिष्ट से संपर्क कर दिगंबरी देवी की बैंक पासबुक देखी गई तो उसमें भी छह फरवरी को जमा रकम की एंट्री थी।

पार्षद ने बताया कि वह लगातार विभागीय अधिकारियों से पेंशन के लिए कहती रहीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पांच बार रिजेक्ट हुई थी पेंशन
मुख्यमंत्री के मुलाकात करने से पहले दिगंबरी की पेंशन पांच बार तहसील से रिजेक्ट हुई थी।

जब हरीश रावत ने मुख्यमंत्री की शपथ ली तो उन्होंने सबसे गरीब व्यक्ति के यहां जाने की इच्छा जताई। इस पर कांग्रेसी उन्हें दिगंबरी देवी के यहां ले गए और पेंशन शुरू की गई।
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पार्षद के पास रहती है पासबुक
दिगंबरी देवी, उनके बेटे विक्रम और ननकू की पासबुक पार्षद बीना बिष्ट के पास रहती है। विक्रम और ननकू मानसिक तौर पर कमजोर हैं।

दोनों को विकलांग पेंशन मिलती है, लेकिन दोनों को भी सिर्फ एक बार पेंशन मिली है। बिष्ट ने बताया कि पासबुक खराब न हो, इसलिए वह इन्हें अपने पास रखती हैं।

जिला समाज कल्याण विभाग को दिगंबरी देवी का बैंक एकाउंट नंबर नहीं मिल रहा था। मंगलवार को बैंक एकाउंट नंबर मिला तो पेंशन भेज दी गई है।
- एस. राजू, प्रमुख सचिव समाज कल्याण
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