चर्चित उपन्यासकार एवं नाटककार रूपनारायण सोनकर ने निर्माता-निर्देशक जमा हबीब उर्फ बैदुजम्मा पर अपने नाट्य संग्रह से कहानी चोरी कर टीवी सीरियल बनाने का आरोप लगाया है। उपन्यासकार ने कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में निर्माता पर साठ लाख का मुआवजा देने का वाद एडीजी कामर्शियल देहरादून की अदालत में दायर किया है। आरोप है कि निर्माता ने उनके नाट्य संग्रह समाज द्रोही के एक नाटक ‘खल छल नीति’ की कहानी, थीम व पात्र चोरी करके टीवी सीरियल ‘निमकी मुखिया’ बनाया है।
शुक्रवार को दोनों पक्षों ने न्यायालय एडीजे कमर्शियल देहरादून के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखा। वादी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक वर्मा ने न्यायालय को अवगत कराया कि उन्होंने निर्माता-निर्देशक के खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उपन्यासकार को अपने वाद में संशोधन मुआवजे की मांग के लिए निर्देशित करते हुए देहरादून में दायर करने को कहा था। उनका तर्क था कि हाईकोर्ट के निर्देश पर वह एडीजे कामर्शियल न्यायालय में प्रस्तुत हुए हैं। उनका तर्क था कि उपन्यास में प्रधान पति का क्रिएशन लेखक ने किया है। प्रधान पति कोई सांविधानिक पद नहीं है। जबकि नाटक में सवर्ण और दलित ग्राम प्रधान की कहानी है।
यह ग्रामीण पृष्ठभूमि पर लिखा गया रूपनारायण सोनकर का पहला नाटक है। वादी पक्ष का कहना था कि टीवी सीरियल के निर्माता ने चोरी करके इसी नाटक को दो ग्राम प्रधानों की कहानी के आधार पर सीरियल बनाया है। जबकि, टीवी सीरियल निर्माता की ओर से सभी आरोपों को निराधार बताया गया। न्यायालय में दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्षकारों के समर्थन में साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए अग्रिम तिथि तय की है। बता दें कि साहित्यकार रूपनारायण सोनकर का एक मुकदमा प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राकेश रोशन के खिलाफ भी चल रहा है। सोनकर ने राकेश रोशन पर उनके उपन्यास सूअरदान की कहानी चोरी करके कृष-थ्री फिल्म बनाने का आरोप लगाया था। रूपनारायण सोनकर इस मामले में हाईकोर्ट से जीत चुके हैं और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।